

Umarkhed Blasting Tractor Explosion: उमरखेड़-ढाणकी मार्ग पर जाकीर हुसैन वार्ड परिसर में किसान वेल्डिंग वर्कशॉप के सामने ब्लास्टिंग ट्रैक्टर में वेल्डिंग करते समय हुए भीषण विस्फोट में चार लोगों की मौत होने की बात पुलिस जांच में सामने आई है। इस हादसे में कुल 10 लोग घायल बताए गए।
मामले में उमरखेड़ पुलिस थाने में ट्रैक्टर मालिक, चालक और विस्फोटक उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति समेत तीन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों में ग्राम बालदी निवासी ट्रैक्टर का मालिक अप्पाराव माधवराव बोक्से (55), उसका मृतक बेटा वैभव और बीना अनुमती के स्फोटक सामग्री की आपूर्ति करनेवाला ढाणकी निवासी बलीराम नरवाडे (50) शामिल है।
हादसा शनिवार को सुबह करीब साढ़े 11 बजे हुआ। पुलिस के अनुसार, बालदी निवासी अप्पाराव माधवराव बोक्से के स्वामित्व वाला एमएच 29 व्ही 2528 क्रमांक का ब्लास्टिंग ट्रैक्टर वेल्डिंग के काम के लिए किसान वेल्डिंग वर्कशॉप के सामने लाया गया था। ट्रैक्टर पर वेल्डिंग का काम शुरू था, तभी अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि ट्रैक्टर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। परिसर में खड़ी मारुति ईको (एमएच 03 बीसी 1880) और बोलेरो मैक्स पिकअप (एमएच 29 टी 6942) को भी नुकसान पहुंचा। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची।
घटनास्थल पर ब्लास्टिंग में इस्तेमाल होने वाली 'सुपर पावर 90 (Emulsion Explosives) SOLAR' लिखी सफेद रंग की करीब 40 से 50 अर्धविस्फोटित ट्यूब तथा लाल रंग की कॉर्डेक्स वायर के बंडल मिले होने का उल्लेख शिकायत में किया गया है।
इस विस्फोट में अविनाश केशव बेले (35), निवासी बालदी तांडा, वैभव अप्पाराव बोक्से (20) निवासी बालदी, शेख जावेद शेख जमीर (23), निवासी जाकीर हुसैन वार्ड और सैयद शाहजेब सैयद अनिस (15), निवासी आजाद वार्ड की मौत हो गई, वहीं ट्रैक्टर मालिक अप्पाराव माधवराव बोक्से (55) और वेल्डिंग का काम करने वाले बाशीद खान रशीद खान (32, निवासी काजीपुरा, उमरखेड़) गंभीर रूप से घायल हुए हैं। अन्य घायलों का उमरखेड़ और नांदेड के अस्पतालों में उपचार चल रहा है।
तालुके के कई गांवों में विस्फोटक सामग्री रखने वाले ब्लास्टिंग ट्रैक्टर दिखाई देते हैं। उक्त विस्फोटकों को बिना किसी प्रशिक्षण वाले व्यक्ति द्वारा संभाले जाने के कारण तालुके में दुर्घटनाएं हो रही विस्फोटक विक्रेताओं और इन्हें संभालने वालों का पता लगाकर प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए तथा ऐसे वाहनधारकों की तलाश कर कार्रवाई करने की मांग अब सामने आ रही है।