यवतमाल TB हॉस्पिटल क्वार्टरधारकों को हाईकोर्ट से राहत, 9 सितंबर तक जबरन बेदखली पर रोक
Yavatmal TB Hospital News: यवतमाल TB हॉस्पिटल क्वार्टर खाली कराने के नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट ने 9 सितंबर तक बेदखली रोकी। BOT शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के 90 साल के करार पर भी विवाद गहराया।
- Written By: केतकी मोडक
नागपुर हाईकोर्ट (सोर्स- सोशल मीडिया )
Yavatmal TB Hospital Quarters Eviction: यवतमाल टीबी हॉस्पिटल परिसर स्थित सरकारी क्वार्टरों में वर्षों से रह रहे निवासियों को मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ से बड़ी राहत मिली है। क्वार्टर खाली करने के नोटिस के खिलाफ दायर रिटयाचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने 9 सितंबर तक संबंधित परिवारों को कानूनी संरक्षण प्रदान किया है तथा इस अवधि में किसी भी प्रकार की जबरन बेदखली पर रोक लगा दी है।
नगर परिषद यवतमाल द्वारा इस परिसर में एक व्यावसायिक संकुल (शॉपिंग कॉम्प्लेक्स) विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किए जाने के बाद यहाँ के रहवासियों को स्थान खाली करने के नोटिस जारी किए गए थे। टीबी हॉस्पिटल परिसर के कई परिवार पिछले तीन से चार दशकों से इन क्वार्टरों में रह रहे हैं। वैकल्पिक आवास की उचित व्यवस्था किए बिना की जा रही इस प्रशासनिक कार्रवाई से इन परिवारों के सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो गया था।
इसी कार्रवाई के विरोध में रहवासियों की ओर से मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ में एक रिट याचिका दायर की गई। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता वैभव गोविंद एडके और अधिवक्ता ऋषिकेश एस. भोयर ने पक्ष रखा। उन्होंने न्यायालय को बताया कि बिना किसी पूर्व व्यवस्था के तत्काल बेदखली करने से निवासियों के आवास, बच्चों की शिक्षा, रोजगार और अन्य मूलभूत अधिकार बुरी तरह प्रभावित होंगे।
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9 सितंबर तक खाली करने की तैयारी का हलफनामा
सुनवाई के दौरान रहवासियों ने न्यायालय में एक शपथपत्र (हलफनामा) प्रस्तुत कर कहा कि यदि उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए थोड़ा समय दिया जाए, तो वे 9 सितंबर 2026 तक स्वयं क्वार्टर खाली करने को तैयार हैं। न्यायालय ने इस हलफनामे को रिकॉर्ड पर लेते हुए 23 जून 2026 को दिए गए अपने अंतरिम संरक्षण आदेश को आगे भी बरकरार रखा। न्यायालय के इस निर्णय से प्रभावित परिवारों को फिलहाल बड़ी राहत मिली है, लेकिन उनके स्थायी पुनर्वास का प्रश्न अब भी अनसुलझा बना हुआ है। आगामी महीनों में नगर परिषद इन परिवारों के पुनर्वास को लेकर क्या कदम उठाती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
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बीओटी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को लेकर बढ़ा विवाद
- टीबी हॉस्पिटल परिसर की नगर परिषद के स्वामित्व वाली बहुमूल्य भूमि पर बीओटी (बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर) आधार पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है।
- विपक्षी नगरसेवकों का दावा है कि शहर के मध्य स्थित यह भूमि बाजार मूल्य के अनुसार सैकड़ों करोड़ रुपये की है। ऐसे में मात्र 95 करोड़ रुपये के करार के तहत, पूरे 90 वर्षों के लिए किसी निजी डेवलपर को यह भूमि सौंपे जाने के निर्णय पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
- कांग्रेस के नगरसेवकों ने इस समझौते का कड़ा विरोध करते हुए करार की शर्तों, भूमि के वास्तविक मूल्यांकन और नगर परिषद को होने वाले संभावित भारी आर्थिक नुकसान की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
