यवतमाल के विद्यार्थी मराठवाड़ा के बाढ़ पीड़ितों की मदद को आगे आए, दिवाली की छुट्टियाँ करेंगे सार्थक
Yavatmal News: यवतमाल के छात्रों ने अपनी दिवाली की छुट्टियाँ बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए समर्पित करने का निश्चय किया है। ये छात्र न सिर्फ ज़रूरतमंदों को राहत सामग्री पहुंचाएंगे।
- Written By: आंचल लोखंडे
मराठवाड़ा के बाढ़ पीड़ितों की मदद
Yavatmal Students: इस साल मराठवाड़ा में हुई अतिवृष्टि (भारी बारिश) से भारी नुकसान हुआ है। वहां अब भी कई नागरिक बाढ़ की परिस्थितियों से जूझ रहे हैं। ऐसे में यवतमाल के छात्रों ने अपनी दिवाली की छुट्टियाँ बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए समर्पित करने का निश्चय किया है। ये छात्र न सिर्फ ज़रूरतमंदों को राहत सामग्री पहुंचाएंगे, बल्कि बाढ़ की स्थिति पैदा होने के कारणों का अध्ययन कर एक विस्तृत रिपोर्ट भी तैयार करेंगे।
आपदा प्रबंधन की समृद्ध परंपरा वाले यवतमाल के सावित्री-ज्योतिराव समाजकार्य महाविद्यालय के 18 छात्राएँ और 21 छात्र प्रा. घनश्याम दरणे तथा प्रा. सुहानंद ढोक के नेतृत्व में सोमवार,13 अक्टूबर को रवाना हुए।
अनुभव अमूल्य
इस मौके पर प्रा. डॉ.रमाकांत कोलते, समाजसेवी सुरेश राठी, अनंत कौलगीकर, प्रशांत बनगीनवार, प्रा. सरकटे, मंगेश खुणे, पिसे, डॉ। बनसोड, सुवर्णा ठाकरे, विनोद दोन्दल, प्रा. अरुण शेंडे और शेखर कोलते उपस्थित थे। उपस्थित मान्यवरों ने छात्रों की प्रशंसा करते हुए कहा कि दिवाली की छुट्टी में घर जाने के बजाय आपदा-पीड़ितों की मदद करने जाना एक बड़ा त्याग है। छात्र जीवन में लिया गया यह अनुभव अमूल्य है और जीवनभर याद रहेगा।
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राहत के साथ कारणों की भी करेंगे पड़ताल
प्रा. दरणे ने प्रस्ताविक भाषण में कहा कि सहायता दल अल्पावधि और दीर्घावधि दोनों प्रकार की मदद की योजना बनाएगा। खासकर ऐसे किसान जो खरीफ फसल गंवा चुके हैं और रबी फसल बोने की इच्छा रखते हैं, उनके लिए विशेष सहायता प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे। जिन किसानों की जमीन बाढ़ में बह गई या क्षतिग्रस्त हुई, उन्हें दोबारा खेती के लायक बनाने के लिए पथक ‘उगम संस्था, कलमनुरी’ के सहयोग से सर्वेक्षण और अध्ययन करेगा। इसके साथ ही, बाढ़ की स्थिति क्यों उत्पन्न होती है, इसके कारणों की भी पड़ताल कर सरकार को एक शाश्वत समाधान रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
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बाढ़ पीड़ितों के लिए यवतमालकरों ने “फैमिली किट” के रूप में दिवाली भेंट भेजी है, साथ ही कई लोगों ने राहत दल के खर्च के लिए आर्थिक सहयोग भी दिया है। प्राचार्य प्रा. डॉ. सीमा शेटे ने उपस्थित सभी का आभार व्यक्त किया।
छात्र ऐसे करेंगे मदद
बाढ़ से नुकसान झेल चुके किसानों की जमीन को दोबारा खेती योग्य बनाना इस सहायता दल का मुख्य उद्देश्य है। इसके लिए दल ‘उगम संस्था, कलमनुरी’ के साथ मिलकर आवश्यक सर्वेक्षण और अध्ययन करेगा तथा मदद के प्रस्ताव वित्तीय संस्थाओं को सौंपेगा। साथ ही, बाढ़ की परिस्थितियों के कारणों की जांच कर सरकार को समाधान-आधारित रिपोर्ट भी सौंपी जाएगी।
