

Yavatmal Agriculture Department: किसानों ने अपनी जमा पूंजी खर्च कर और कर्ज लेकर खरीफ सीजन में सोयाबीन की बुआई की, लेकिन जिले के अनेक किसानों के खेतों में सोयाबीन के बीज अंकुरित ही नहीं हुए-इस संबंध में जिले के 16 तहसीलों से कुल 3,047 किसानों ने कृषि विभाग से शिकायतें कीं। शिकायतों को गंभीरता स्टे लेते हुए कृषि विभाग ने जांच अभियाना चलाया। जांच में 205 बीज नमूने अप्रमाणित पाए गए, जबकि संबंधित 13-कंपनियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। पिछले खरीफ सीजन की फसल खराब होने के बाद किसानों को इस वर्ष अच्छी पैदावार की उम्मीद थी।
हालांकि, खरीफ की शुरुआत में बारिश में देरी हुई। बाद में बारिश होने पर किसानो ने कपास और सोयाबीन की बुआई की इसी दौरान कई किसानों के खेतों में सोयाबीन के बीज अंकुरित नहीं हुए-इसके बाद किसानों ने कृषि विभाग के पास शिकायतें दर्ज कराना शुरू किया। जिले में प्राप्त 3,047 शिकायतों में से जांच समिति ने 2,448 शिकायतों की जांच पूरी की।
इनमें से 1,993 शिकायतों में तथ्य पाए गए। अप्रमाणित बीज के कारण लगभग 3,872 हेक्टेयर क्षेत्र की सोयाबीन फसल प्रभावित हुई है। 3,047 क्विंटल सोयाबीन बीज की बिक्री पर रोक जिले में विभिन्न कंपनियों द्वारा आपूर्ति किए गए सोयाबीन बीजों की गुणवत्ता को लेकर बड़ी संख्या में शिकायतें मिलने के बाद प्रशासन ने जांच अभियान चलाया। जिले में कुल 98,216.79 क्विंटल सोयाबीन बीज की आपूर्ति हुई थी।
विभिन्न कंपनियों के 472 नमूने जांच के लिए लिए गए। शिकायतों के आधार पर इनमें से 95 नमूने जांच के लिए पात्र पाए गए। शिकायतों के बाद संबंधित बीज भंडार की बिक्री पर रोक लगाने के आदेश जारी किए गए। इस कार्रवाई में 1,423.75 क्विंटल बीज का स्टॉक जब्त किया गया है। इसके अलावा कुल 3,047 क्विंटल बीज की बिक्री पर रोक लगाई गई है। कंपनी के 1,140 क्विंटल स्टॉक की बिक्री पर रोक लगाते हुए 186 क्विंटल स्टॉक जब्त किया गया। इसके अलावा इनोवेग एग्रो, बाफना सी, एशियन सी सहित अन्य कंपनियों के बीजों के संबंध में भी शिकायतें प्राप्त हुई हैं।
जिले में सबसे अधिक 22,300 क्विंटल बीज बूस्टर प्लांट जेनेटिक्स कंपनी की ओर से आपूर्ति किया गया। कंपनी के 46 नमूने जांच के लिए लिए गए और 20 शिकायतें प्राप्त हुई। कंपनी के 1,375 क्विंटल स्टॉक की बिक्री पर रोक लगाई गई तथा 249 क्विंटल स्टॉक जब्त किया।गया। इसके बाद महाबीज ने 19,744 क्विंटल, व्हिगर बायोटेक ने 15,713.54 क्विंटल और सारस एग्रो इंडस्ट्रीज ने 9,500 क्विंटल सोयाबीन बीज की आपूर्ति की। रवी सी एंड रिसर्च ने 3,210 क्विंटल बीज की आपूर्ति की। इस कंपनी के 40 नमूने लिए गए और 15 शिकायतें प्राप्त हुई।
जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी मनोजकुमार ढगे ने कहा कि कृषि विभाग ने इस मामले में कुल 469 बीज नमूने लिए है और 13 कंपनियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए हैं। सभी शिकायतों की जानकारी लाइसेंस प्राधिकरण तथा कृषि आयुक्तालय, पुणे के निदेशक (इनपुट एवं गुणवत्ता नियंत्रण) को भेजी गई है।
तहसीलनुसार प्राप्त शिकायतों में नेर तहसील सबसे आगे है। यहां 1,180 शिकायतें प्राप्त हुई और 2,507 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ। इसके बाद दारव्हा में 492 शिकायतें और 430 हेक्टेयर, बाभुलगांव में 311 शिकायतें और 365 हेक्टेयर, यवतमाल में 243 शिकायतें और 247 हेक्टेयर तथा आर्णी में 224 शिकायतें और 42 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ। घाटंजी में 36, रालेगांव में 25, कलंब में 221, पुसद में 42, उमरखेड में 45, दिग्रस में 126, महागांव में 25, पांढरकवडा में 14, मारेगांव में 26, वणी में 23 और झरी में 14 शिकायतें दर्ज हुई हैं।