

Bhandara Agriculture Department: खरीफ सीजन 2026 की शुरुआत में धान, सोयाबीन और कपास के बीजों की गुणवत्ता को लेकर किसानों से शिकायतें मिलने के बाद कृषि विभाग ने जांच अभियान चलाया। जिले से कुल 674 बीज नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए थे। इनमें से 657 नमूने धान के बीजों के थे। जांच में कुल 45 नमूने अंकुरण क्षमता के मानकों पर विफल पाए गए।
इनमें से 14 नमूने न्यायालयीन कार्रवाई के पात्र पाए गए हैं, जबकि 31 नमूनों के संबंध में चेतावनी की कार्रवाई प्रस्तावित है। जिले में धान प्रमुख फसल होने के कारण बीज जांच अभियान में धान के नमूनों की संख्या सर्वाधिक रही। कपास और सोयाबीन का क्षेत्र तुलनात्मक रूप से कम होने के कारण सोयाबीन का केवल एक नमूना जांच के लिए लिया गया था। यह नमूना भी मानक के अनुरूप नहीं पाया गया है।
धान के बीजों की अंकुरण क्षमता को लेकर जिले के किसानों से 6 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। शिकायतों का संज्ञान लेते हुए तहसीलस्तरीय शिकायत निवारण समितियों ने संबंधित खेतों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद तैयार की गई रिपोर्ट संबंधित किसानों को उपलब्ध कराई गई है। बीज नहीं उगने अथवा अपेक्षा से कम अंकुरण होने के कारण किसानों को हुए नुकसान के मामलों में समिति द्वारा आगे की कार्रवाई की जा रही है। इसके तहत खेत का निरीक्षण, बीज का स्रोत, बिक्री का रिकॉर्ड और अन्य संबंधित पहलुओं की जांच की जा रही है।
जिले में सोयाबीन का क्षेत्र कम होने के कारण केवल एक नमूना जांच के लिए लिया गया था। प्रयोगशाला रिपोर्ट में यह नमूना अमानक पाया गया। खरीफ सीजन की शुरुआत में सोयाबीन, धान और कपास के बीजों की गुणवत्ता को लेकर किसानों ने शिकायतें की थीं। इसके बाद कृषि विभाग ने नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला में भेजे थे। अब जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद दोषी पाए जाने वाले संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की संभावना है।
इसी बीच नकली जैविक डीएपी के नाम पर खाद बेचन वाली एक कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है वहीं आवश्यक लाइसेंस के बिना खाद की बिक्री अथव कारोबार करने के मामले में एक अन्य कंपनी के खिलाफ भी अपराध दर्ज किया गया है।
जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी संगीता माने ने कहा कि इस मामले में प्राप्त जांच रिपोर्ट और तहसील स्तरीय समितियों से मिली जानकारी के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बीजों की बिक्री, अंकुरण क्षमता में पाई गई कमियों तथा किसानों से प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है।