अब आंगनवाड़ी में भी पढ़ाएंगे टीचर्स, यवतमाल में शिक्षा की नई क्रांति! ‘आकार’ से सवरेगा भविष्य
Yavatmal ZP Education: यवतमाल जिला परिषद में अब प्राथमिक शिक्षकों को सप्ताह में एक दिन आंगनवाड़ी में पढ़ाना होगा। 'आकार' पाठ्यक्रम से मजबूत होगी बच्चों की नींव।
- Written By: प्रिया जैस
आकार पाठ्यक्रम (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Yavatmal Zila Parishad: यवतमाल जिला परिषद की प्राथमिक शालाओं में कार्यरत शिक्षकों को अब आंगनवाड़ी केंद्रों में भी पढ़ाना होगा। नई शिक्षा नीति के तहत आंगनवाड़ी के बच्चों की शैक्षणिक नींव मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके लिए शिक्षकों को सप्ताह में कम से कम एक दिन आंगनवाड़ी में जाकर शिक्षण कार्य करना होगा।
वहीं आंगनवाड़ी सेविकाओं को भी पूर्व-प्राथमिक शिक्षा एवं देखभाल से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया है। जो शिक्षक पहली कक्षा को पढ़ाते हैं, वे अपने विद्यालय से एक किलोमीटर के दायरे में स्थित आंगनवाड़ी केंद्रों में जाकर शैक्षणिक आधार मजबूत करने के लिए आंगनवाड़ी सेविकाओं को मार्गदर्शन करेंगे।
नई शिक्षा नीति
नई शिक्षा नीति 2020 के अनुसार 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की नींव मजबूत कर उन्हें प्राथमिक शिक्षा के लिए तैयार किया जाएगा। इससे बच्चों के स्कूल छोड़ने (ड्रॉपआउट) की समस्या कम होने के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता भी बेहतर होने की अपेक्षा है। जिले में कुल 3,039 आंगनवाड़ी केंद्र हैं, जिनमें 75 हजार से अधिक बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
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पूर्व-प्राथमिक शिक्षा और देखभाल के लिए आंगनवाड़ी सेविकाओं को DIET द्वारा प्रशिक्षण दिया गया है। आंगनवाड़ी के बच्चों को स्कूल के वातावरण से परिचित कराने तथा उनके भाषाई, बौद्धिक और सामाजिक विकास के लिए प्राथमिक शिक्षकों की भागीदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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‘आकार’ पाठ्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण
पूर्व-प्राथमिक शिक्षा के लिए आवश्यक पाठों और गतिविधियों को ‘आकार’ पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। इस कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आंगनवाड़ी सेविकाओं को शिक्षकों के सहयोग की आवश्यकता होगी।
इसके अलावा बच्चों को स्कूलों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी भाग लेने का अवसर दिया जाएगा। आयु-समूह के अनुसार ‘आकार’ पाठ्यक्रम पूर्ण होने की पुष्टि के बाद शिक्षक और आंगनवाड़ी सेविका के हस्ताक्षरयुक्त प्रमाणपत्र बच्चों को दिया जाएगा। इसके बाद ही पहली कक्षा में प्रवेश मिलेगा।
जिले के 75 हजार बच्चों को लाभ
जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कुल 3,039 आंगनवाड़ी केंद्र हैं, जिनमें 75 हजार से अधिक बच्चे हैं। पूर्व-प्राथमिक शिक्षा प्रदान करने के लिए आंगनवाड़ी सेविकाओं को प्रशिक्षण दिया गया है।
