यवतमाल में पीएम-किसान के 33 हजार लाभार्थियों का 'फार्मर आईडी' लंबित; 20 मई तक प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य

Yavatmal PM Kisan Yojana: यवतमाल जिले में पीएम-किसान योजना के 33,172 लाभार्थियों का फार्मर आईडी लंबित है। कृषि विभाग ने 20 मई तक पंजीकरण अनिवार्य किया है, अन्यथा योजनाओं का लाभ बंद हो सकता है।
Farmer ID is now mandatory for 33,172 PM-Kisan beneficiaries in Yavatmal. The Agriculture Department has set May 20 as the deadline for digital registration under the Agristack initiative.
पीएम-किसान योजना पंजीकरण (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Yavatmal Agriculture News: यवतमाल प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के तहत यवतमाल जिले में जिन लाभार्थियों ने अब तक 'फार्मर आईडी' नहीं बनवाया है, उन्हें 20 मई से पहले यह प्रक्रिया पूर्ण करना अनिवार्य है। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयसीमा तक फार्मर आईडी नहीं बनाने पर भविष्य में कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के लाभ से वंचित रहना पड़ सकता है। इस संबंध में जिलाधिकारी विकास मीना तथा जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी मनोजकुमार ढगे ने किसानों से अपील की है। केंद्र सरकार की 'एग्रीस्टैक' पहल के तहत राज्य के सभी किसानों का डिजिटल पंजीकरण किया जा रहा है।

जिले में पीएम-किसान योजना के कुल 2 लाख 95 हजार 183 लाभार्थी हैं। इनमें से 2 लाख 62 हजार 11 किसानों के पास फार्मर आईडी उपलब्ध है, जबकि 33 हजार 172 लाभार्थियों की फार्मर आईडी अभी लंबित है। 15 अप्रैल 2025 से कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभलेने के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य कर दिया गया है। फार्मर आईडी बनने के बाद पीएम-किसान पोर्टल पर ई-केवाईसी और भूमि-संयोजन (लैंड सीडिंग) प्रक्रिया स्वतः अपडेट होने में सहायता मिलती है।

इससे लाभार्थियों की जानकारी सही रहती है और योजनाओं का लाभ सुचारू रूप से प्राप्त होता है। किसानों की पहचान, भूमि और फसल की जानकारी एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होने से सेवाएं अधिक तेज और पारदर्शी बनती हैं। केंद्र सरकार ने 20 मई को अंतिम तिथि निर्धारित की है। इस अभियान की दैनिक निगरानी की जा रही है।

फार्मर आईडी कहां और कैसे बनवाएं ?

यवतमाल जिले के 33 हजार से अधिक लंबित किसानों को अपने क्षेत्र के सहायक कृषि अधिकारी, उप कृषि अधिकारी या संबंधित कृषि कार्यालय से संपर्क कर फार्मर आईडी बनवानी चाहिए। पंजीकरण के लिए आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर और सातबारा (भूमि अभिलेख) लेकर निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। इस संबंध में गांव स्तर पर जनजागरण के निर्देश दिए गए हैं। कृषि विभाग ने सभी पात्र किसानों से इस अभियान में सहयोग करने की अपील की है।

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