यवतमाल में अतिक्रमण हटाओ अभियान पर सवाल, नागरिकों ने मांगा स्थायी समाधान
Encroachment Removal Drive: यवतमाल नगर परिषद द्वारा 300 से अधिक अवैध दुकानों पर की गई बड़ी कार्रवाई के बाद अब नागरिकों को अतिक्रमण दोबारा लौटने की आशंका सता रही है।
- Written By: केतकी मोडक
यवतमाल नगर निगम का अतिक्रमण विरोधी अभियान (सोर्स - फोटो नवभारत)
Yavatmal Municipal Corporation Encroachment Drive: यवतमाल नगर परिषद द्वारा मई 2026 से शहर में व्यापक स्तर पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है। प्रमुख सड़कों, चौकों और बाजार क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी है। हालांकि, पिछले अनुभवों को देखते हुए नागरिकों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि क्या यह अभियान भी कुछ दिनों का दिखावा बनकर रह जाएगा और हटाए गए अतिक्रमण फिर से उसी स्थान पर लौट आएंगे?
नागरिकों का कहना है कि नगर परिषद केवल कार्रवाई करने तक सीमित रहती है, जबकि छोटे व्यापारियों के पुनर्वास, वैकल्पिक व्यवस्था और स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते। साथ ही बड़े और प्रभावशाली लोगों के अतिक्रमणों पर नरमी बरतने तथा छोटे दुकानदारों को निशाना बनाने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।
यवतमाल नगर परिषद की मौजूदा कार्रवाई के तहत गोधनी मार्ग, दारव्हा रोड, आर्णी रोड, आजाद मैदान क्षेत्र, नेताजी मार्केट सहित शहर के कई व्यस्त इलाकों में अभियान चलाकर 300 से अधिक अस्थायी दुकानें, टपरियां और अन्य अतिक्रमण हटाए गए हैं। फिलहाल हटाई गई जगहों पर दोबारा अतिक्रमण दिखाई नहीं दे रहा है, लेकिन नागरिकों को आशंका है कि कुछ दिनों या सप्ताहों बाद फिर वही स्थिति बन सकती है।
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नोटिस जारी किए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर सड़क किनारे व्यवसाय करने वाले छोटे व्यापारियों से दैनिक शुल्क और पट्टी वसूली के माध्यम से हर वर्ष लाखों रुपये की आय भी प्राप्त की जाती है।
हटाए गए गरीबों के पुनर्वास की नहीं व्यवस्था
फेरीवालों, टपरी संचालकों और लघु व्यापारियों के लिए वैकल्पिक स्थानों की व्यवस्था नहीं, अधिकृत हॉकर्स जोन विकसित करने की दिशा में ठोस पहल का अभाव, अतिक्रमण रोकने के लिए प्रभावी निगरानी और सख्त अमल नहीं, स्थायी समाधान के बजाय केवल समय-समय पर अभियान चलाने की परंपरा इन्हीं कारणों से अतिक्रमण हटाने और फिर उसके दोबारा होने का चक्र लगातार जारी रहने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
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विभागों को सतर्क रहने के निर्देश
अतिक्रमण विरोधी पथक प्रमुख अमोल मदने ने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाना, फुटपाथों को नागरिकों के लिए मुक्त कराना तथा सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमणमुक्त रखना है। उन्होंने बताया कि हटाए गए स्थानों पर दोबारा अतिक्रमण न हो, इसके लिए संबंधित विभागों और पथकों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे अतिक्रमण पर बार-बार निगरानी बनाए रखना जरूरी है ताकि समस्या फिर से खड़ी न हो।
