संजय राठौड़ ने सराहा, मांगुलकर ने घेरा: जानें महाराष्ट्र बजट पर यवतमाल के दिग्गजों की बेबाक राय

Yavatmal Budget Reaction: महाराष्ट्र बजट पर यवतमाल की बेबाक राय। विमानतल विस्तारीकरण पर जोर, लेकिन नई योजनाओं की कमी से निराशा। जानें क्या बोले मंत्री और विपक्षी नेता।
Mixed reactions in Yavatmal over Maharashtra Budget 2026. Focus on Airport expansion and Tribal funds, but locals disappointed over lack of new industries.
मंत्री संजय राठोड़ और बालासाहेब मांगुलकर (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Yavatmal Airport Expansion: राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को विधानभवन के पटल पर राज्य का आम बजट पेश किया। लेकिन आम बजट से यवतमालवासियों को जितनी उम्मीदें थीं, वह उम्मीदें पूरी नहीं हो पायी है।

मुख्यमंत्री ने अपने बजट प्रस्ताव के दौरान यवतमाल के विमानतल विस्तारीकरण करने की बात पर जोर दिया। लेकिन इसके बाद यवतमालवासियों के लिए नई कोई सौगात नहीं दी है। आम बजट को लेकर शहर सहित जिले के गणमान्यों ने अपनी बेबाक राय रखते हुए किसी ने बजट को सराहा तो किसी ने बजट से भ्रम निरास होने की बात कही।

बजट विकसित महाराष्ट्र की दिशा में मजबूत कदम : मंत्री संजय राठोड़

राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 का बजट प्रगतिशील, टिकाऊ, सर्वसमावेशी और सुशासन के चार स्तंभों पर आधारित है तथा विकसित महाराष्ट्र की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है, ऐसी प्रतिक्रिया मृदा व जलसंधारण मंत्री संजय राठोड ने व्यक्त की। कृषि क्षेत्र के लिए पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमाफी योजना” की घोषणा की गई है। महिला सशक्तिकरण के लिए मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना, “लखपति दीदी” अभियान, आंगनवाड़ी सेविकाओं को आर्थिक साक्षरता प्रशिक्षण तथा महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए “उमेद मॉल” की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए है।

विद्यार्थियों के भविष्य से सरकार का खिलवाड़

महाराष्ट्र का आज प्रस्तुत किया गया बजट देखते हुए शिक्षा क्षेत्र के प्रति सरकार की गंभीर अनदेखी एक बार फिर स्पष्ट हो गई है। राज्य की प्रगति की नींव माने जाने वाले शिक्षा क्षेत्र को अपेक्षित प्राथमिकता न देकर विद्यार्थियों के भविष्य के साथ मानो खिलवाड़ किया गया है। - अनिल गायकवाड़, उपाध्यक्ष, यवतमाल जिला कांग्रेस कमेटी

बजट आम जनता की अपेक्षाओं पर खरा नहीं

यवतमाल जिला पूरे देश में किसान आत्महत्या प्रभावित जिलों के रूप में जाना जाता है। यहां के कपास और सोयाबीन उत्पादक किसान लगातार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। इसके बावजूद किसानों को राहत देने के लिए कर्जमाफी, फसलों के लिए उचित समर्थन मूल्य, सिंचाई परियोजनाओं को गति देने या कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन देने जैसे ठोस निर्णय इस बजट में दिखाई नहीं देते।

इसके साथ ही यवतमाल जिले के बेरोजगार युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर उद्योग स्थापित करने, बंद पड़े उद्योगों को फिर से शुरू करने और नई निवेश संभावनाओं को आकर्षित करने के लिए भी कोई स्पष्ट योजना इस बजट में नजर नहीं आती।

- बालासाहेब मांगुलकर, विधायक, यवतमाल विधानसभा

बजट नई विकास दिशा देनेवाला होगा साबित

यह बजट 5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसमें भविष्य की तैयारी और राज्य के समग्र विकास की स्पष्ट झलक दिखाई देती है। यह ऐसे नेतृत्व का परिणाम है जिसे महाराष्ट्र की उन्नति की हर नस-नस की जानकारी है। विदर्भ के विकास और समृद्धि के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं का समावेश किया गया है, जो निश्चित रूप से क्षेत्र के विकास को नई गति देंगे। - अजय मुंधड़ा, यवतमाल

बजट से आम जनता का भ्रम निराश

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बजट बड़ी चतुराई से सदन के पटल पर रखा, लेकिन एक बार फिर इस बजट में किसानों के साथ अन्याय होता दिखाई दे रहा है। ऐसा प्रतीत होता है कि इस निर्दयी सरकार ने फिर से किसानों को केवल आश्वासन देकर उनके मुंह पर पानी फेरने का काम किया है। - सूरज खोब्रागड़े, संस्थापक अध्यक्ष, हॉकर्स एसोसिएशन, यवतमाल

किसानों के लिए राहत देने वाला बजट

राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा आज प्रस्तुत किया गया बजट कृषि क्षेत्र को मजबूत करने वाला और किसानों को बड़ी राहत देने वाला बजट साबित होगा, ऐसी प्रतिक्रिया भाजपा के जिला समन्वयक नितिन भुतड़ा ने दी। किसानों को बार-बार कर्ज के बोझ तले न दबना पड़े, बल्कि उन्हें स्थायी रूप से कर्जमुक्त करने का संकल्प सरकार ने लिया है।

सभी समाज घटकों को गति देने वाला बजट : मंत्री अशोक उईके

मुख्यमंत्री तथा वित्त मंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा प्रस्तुत राज्य का बजट सभी समाज घटकों के विकास को गति देने वाला है, ऐसी प्रतिक्रिया आदिवासी विकास मंत्री डॉ। अशोक उईके ने व्यक्त की। उन्होंने बताया कि राज्य के आदिवासी समाज के सर्वांगीण विकास के लिए वर्ष 2026-27 के लिए आदिवासी घटक कार्यक्रम के अंतर्गत 21,723 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आदिवासी और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की वाडियों और बस्तियों को बारहमासी सड़कों से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।

राज्य के विकास को गति देनेवाला बजट

आज प्रस्तुत किया गया महाराष्ट्र बजट विकास को गति देने वाला है। कृषि, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे पर दिया गया विशेष जोर सकारात्मक और स्वागतयोग्य है। 2 लाख रुपये तक किसानों की कर्जमाफी और नियमित रूप से कर्ज चुकाने वाले किसानों को 50 हजार रुपये का प्रोत्साहन देने का निर्णय किसानों के लिए राहत देने वाला है।

- पराग पिंगले, समन्वयक, पश्चिम विदर्भ, शिवसेना

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