बढ़ती गर्मी और लू का खतरा, यवतमाल स्वास्थ्य विभाग अलर्ट; संवेदनशील लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह

Yavatmal Heatwave Advisory: यवतमाल में बढ़ती गर्मी व लू के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है। बुजुर्गों, बच्चों और मजदूरों समेत जोखिम समूहों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई।
Rising Heat and Risk of Heatwaves: Yavatmal Health Department on Alert; Vulnerable Individuals Advised to Exercise Special Caution
यवतमाल हीट वेव अलर्ट,(प्रतिकात्मक तस्वीर सोर्स: सोशल मीडिया)
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Yavatmal Heat Stroke Prevention Tips: यवतमाल जिला में बदलते मौसम के कारण पृथ्वी का तापमान लगातार बढ़ रहा है। मार्च महीने से ही राज्य के कई हिस्सों में गर्मी का असर तेज हो गया है। ऐसे में नागरिकों से अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखने की अपील जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुभाष डोले ने की है।

आम तौर पर यदि किसी क्षेत्र में लगातार तीन दिनों तक तापमान सामान्य अधिकतम तापमान से 3 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहता है, तो उसे हीट वेव (लू) कहा जाता है। वहीं, अगर लगातार दो दिन तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो जाए, तो उस क्षेत्र में गंभीर लू की स्थिति मानी जाती है।

अप्रैल, मई और जून महीनों में हीट स्ट्रोक के मामले अधिक सामने आते हैं, जिससे मृत्यु का खतरा भी रहता है। इसलिए इस दौरान विशेष सावधानी जरूरी है।

डॉ. ढोले के अनुसार, धूप में मेहनत करने वाले मजदूर, बुजुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, मोटापे से ग्रस्त लोग, नींद पूरी न लेने वाले, मधुमेह और हृदय रोगी, शराब का सेवन करने वाले, तंग कपड़े पहनने वाले, बेघर और गरीब लोग, तथा कारखानों में बॉयलर के पास काम करने वाले लोग अधिक जोखिम में रहते हैं। ऐसे लोगों को खास सतर्कता बरतनी चाहिए।

जिला परिषद स्वास्थ्य विभाग के जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुभाष डोले, जिला सर्वेक्षण अधिकारी डॉ. के. सी. बानोत, जिला महामारी अधिकारी डॉ. स्मिता पेटकर और जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. निलेश लिचड़े ने नागरिकों से गर्मी के दौरान सतर्क रहने की अपील की है।

बचाव के उपाय

पर्याप्त मात्रा में पानी पिए, यात्रा के दौरान पानी साथ रखें, हल्के और दौले कपड़े पहने। धूप से बचाव के लिए गांगिल, छाता, टोपी और जूते-चामल का उपयोग करें, घर को पखे या कूलर से ठंडा रखे और बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन का उपयोग करें। इसके अलावा शरबत या ओआरएस (जाल संजीवनी) का सेवन भी फायदेमंद है।

हीट स्ट्रोक के लक्षण

थकान, बुखार, शरीर पर चकत्ते, हाथ-पैरों में ऐंठन, चक्कर आना, त्वचा का सूखना, सिरदर्द, रक्तचाप बढ़ना। मानसिक बेचैनी और घबराहट जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

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