

Yavatmal Government Employees News: राज्य सरकारी कर्मचारी मध्यवर्ति संगठन ने हाल ही में मंगलवार 21 अप्रैल से बेमियादी हडताल की घोषणा की थी। जिसके अनुसार आज जिले में सभी सरकारी विभागों में कर्मचारी हडताल पर चले जाने से कामकाज प्रभावित होता दिखाई दिया। अधिकांश कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा। कुछ कार्यालयों में केवल चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और अधिकारी ही नजर आए।
इस बिच संगठन के पदाधिकारियों ने निवासी उपजिलाधिकारी को अपनी मांगो का ज्ञापन सौपा। इनमें पुरानी पेंशन योजना पर अमल करें, विभागों में खाली पद भरे जाए, सेवानिवृत्ती आयु 60 वर्ष की जाए, आदि प्रमूख मांगो का समावेश है। ज्ञापन सौपते समय संगठन के पदाधिकारी, सदस्य कर्मी बडी संख्या में उपस्थित थे।
मरखेड तालुका के सभी शासकीय, अर्धशासकीय शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों की समन्वय समिति ने अपनी लंबित मांगों को पूरा कराने के लिए कड़ा कदम उठाते हुए 21 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इसके चलते तहसील में सरकारी कामकाज प्रभावित हो गया है और भीषण गर्मी में आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में संशोधित राष्ट्रीय पेंशन योजना को तत्काल लागू करना, वाहन चालक एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती पर लगी रोक हटाना, ठेका कर्मचारियों की सेवाएं नियमित करना, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के - बच्चों को सेवानिवृत्ति के बाद नौकरी की - गारंटी देना, सभी वर्गों के रिक्त पदों को शीघ्र भरना तथा सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष करना शामिल है।
इन मांगों की लंबे समय से अनदेखी किए जाने के कारण यवतमाल जिले के शासकीय-अर्धशासकीय, शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों की समन्वय समिति द्वारा पुकारे गए इस अनिश्चितकालीन हड़ताल में उमरखेड तहसील के सभी कर्मचारी शामिल हो गए हैं।
पंचायत समिति अंतर्गत शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों द्वारा 21 अप्रैल से शुरू की गई इस अनिश्चितकालीन हड़ताल के संबंध में हमें किसी प्रकार की पूर्व सूचना प्राप्त नहीं हुई है। - विजय बेतेवाड, गट शिक्षा अधिकारी, पं. स
राज्य के कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर राज्य कर्मचारी संघटनाओं द्वारा समय-समय पर सरकार को निवेदन देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के विरोध में राज्यव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया। इसी क्रम में आज मंगलवार को आर्णी तहसील कार्यालय के कर्मचारियों ने भी इस हड़ताल में भाग लिया। हड़ताल के कारण तहसील कार्यालय का कामकाज पूरी तरह ठप रहा।
कार्यालय में अपने कार्य के लिए आए नागरिकों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा। दोपहर करीब 12 बजे तक कार्यालय में केवल शिपाई (चपरासी) के अलावा कोई भी कर्मचारी उपस्थित नहीं दिखाई दिया, जिससे पूरे कार्यालय परिसर में सन्नाटा पसरा रहा।