चंद्रपुर में बाघों का खौफ; 'क्या हम बाघों का निवाला हैं?' 25 हजार छात्रों ने हस्ताक्षर कर सीएम से पूछा सवाल

Chandrapur Tiger Attacks: चंद्रपुर में बाघों के हमलों से डरे 25,000 छात्रों ने सीएम को ज्ञापन सौंपकर सुरक्षा की मांग की। साथ ही मालधक्का और खनिज प्रकल्पों को शुरू करने का आग्रह किया है।
25,000 students in Chandrapur signed a petition to the CM over rising tiger attacks. They demanded safety and urged the government to resume local development projects.
चंद्रपुर में बाघ और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Chandrapur CM Devendra Fadnavis: बाघों के बढ़ते हमलों से परेशान चंद्रपुर जिले के छात्रों ने आख़िरकार सरकार से ही सीधे सवाल पूछ लिया। हम भी जीना चाहते हैं; तो क्या हम बाघों का निवाला हैं? इस सवाल के साथ लगभग 25000 छात्रों ने हस्ताक्षर मुहिम चला कर अपनी पीडा सीएम तक पहुंचाई। पूर्व मंत्री शोभाताई फडणवीस और महाराष्ट्र शिक्षक प्रसारक मंडल के संस्थापक अध्यक्ष पांडुरंग आंबटकर की अगुवाई में यह ज्ञापन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पेश किया गया।

रविवार को हुई प्रत्यक्ष भेंट के दौरान दोनों ने छात्रों के मन में छिपे डर, असुरक्षा की भावना के साथ ही उनमें पनप रहे असंतोष को सीएम के सामने स्पष्ट रुप से रखा। 25000 हस्ताक्षरवाले इस ज्ञापन में छात्रों ने अपनी भावनाओं को मुखर करते हुए बताया है कि जंगल से सटे गांवों में रहने वाले लोग हर दिन अपनी जान हथेली पर रखकर जी रहे हैं। जब बाघ के हमलों में लोग मारे जाते हैं, तब आर्थिक मदद देकर प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से हाथ खड़े कर रहा है, इस तरह की नाराजगी इस ज्ञापन में छात्रों ने जताई है।

मालधक्का प्रकरण पर पुनर्विचार करें

मूल में प्रस्तावित मालधक्का प्रकल्प को रद्द करने की मांग के पीछे कुछ मुट्ठी भर लोगों के राजनीतिक फायदे को देखा जा रहा है। इस लिए इस का आग्रह भी छात्रों ने किया है। छात्रों ने यह भी बताया कि उद्योगों का विरोध कर विकास को रोकने से स्थानीय लोगों को ही नुकसान होगा।

ऐसा होता है तो यह स्थानियों के साथ बडा अन्याय होगा। देखा जाए तो तेंदूपत्ता संकलन जैसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था के अहम कार्य को बाघों की दहशत ने बडा नुकसान पहुंचाया है। लोहारडोंगरी खनिज प्रकल्प पर लगाई रोक तत्काल हटाने की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी भी इसमें दी गई है।

ज्ञापन के मुद्दों पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ विस्तार से चर्चा हुई। जिसमें उन्होने जनहित व विकास हित में सकारात्मक आश्वासन दिया, ऐसी जानाकारी पूर्व मंत्री शोभाताई फडणवीस और पांडुरंग आंबटकर ने दी है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com