FASTag रिचार्ज बना साइबर ठगी का जाल, यवतमाल की महिला शिक्षिका से 5.99 लाख की धोखाधड़ी

FASTag Scam : यवतमाल में FASTag रिचार्ज और अपडेट के नाम पर साइबर ठगों ने एक महिला शिक्षिका से 5,99,999 रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली। फर्जी कस्टमर सपोर्ट ऐप डाउनलोड कराकर बैंक खाते की जानकारी हासिल की गई।
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यवतमाल साइबर ठगी- एआय जनरेटेड फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Yavatmal Cyber Fraud: यवतमाल शहर में फास्टैग रिचार्ज और अपडेट कराने के नाम पर एक महिला शिक्षिका से करीब 5 लाख 99 हजार 999 रुपये (लगभग 6 लाख रुपये) की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। इस मामले में अवधूतवाड़ी पुलिस ने दो अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, बोर्ले ले-आउट स्थित साई सहवास अपार्टमेंट निवासी क्रांति दिवाकर राऊत, जो पेशे से शिक्षिका हैं, उनकी कार का फास्टैग रिचार्ज समाप्त हो गया था। रिचार्ज कराने के लिए उन्होंने टोल-फ्री नंबर पर संपर्क किया। वहां से उन्हें एक अन्य मोबाइल नंबर पर कॉल करने के लिए कहा गया। इसी दौरान साइबर ठगों ने उन्हें अपने जाल में फंसा लिया। ठगों ने खुद को कस्टमर सपोर्ट कर्मचारी बताते हुए शिक्षिका से मोबाइल में एक कस्टमर सपोर्ट ऐप डाउनलोड कराया।

हेल्पलाइन पर कॉल करना पड़ा भारी

नेटवर्क संबंधी समस्या का बहाना बनाकर उनसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (बाभुलगांव शाखा) और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (यवतमाल शाखा) के खातों की जानकारी, पैन कार्ड और आधार कार्ड का विवरण प्राप्त कर लिया। कुछ ही देर बाद साइबर अपराधियों ने शिक्षिका के सेंट्रल बैंक खाते से 99,999 रुपये और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के खाते से 5,00,000 रुपये निकाल लिए। इस तरह कुल 5,99,999 रुपये की ठगी कर ली गई। धोखाधड़ी का पता चलते ही क्रांति राऊत ने तुरंत साइबर सेल से संपर्क किया और बाद में अवधूतवाड़ी पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई, पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

किसी भी ऑनलाइन लिंक पर भरोसा न करें: पुलिस

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, लिंक या मोबाइल ऐप पर भरोसा न करें, किसी भी व्यक्ति के साथ बैंक खाते, एटीएम, ओटीपी, आधार, पैन या अन्य गोपनीय वित्तीय जानकारी साझा करने से बचें, ताकि इस प्रकार की साइबर ठगी से सुरक्षित रहा जा सके।

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