अन्नत्याग दफन-कफन आंदोलन, यवतमाल में किसानों के आंदोलन ने किया दंग, 7/12 कोरा को लेकर मांग

Yavatmal News: यवतमाल जिले में भारी बारिश के कारण किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। सरकार से कर्जमाफी और 7/12 कोरा मामले को लेकर यवतमाल किसान कफन-दफन लेकर आंदोलन के लिए उतरे।
Yavatmal News: यवतमाल जिले में भारी बारिश के कारण किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। सरकार से कर्जमाफी और 7/12 कोरा मामले को लेकर यवतमाल किसान कफन-दफन लेकर आंदोलन के लिए उतरे।
किसानों का दफन आंदोलन (सौजन्य-नवभारत)
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Yavatmal Farmers Protest: यवतमाल जिले के घाटंजी संभाग 2024 के आम चुनाव में किसानों को सात बारा कोरा करने का वादा कर भारी मतों से चुनी गई सरकार ने अब किसानों को भूलकर रखा है। लगातार होने वाली अतिवृष्टि के कारण किसान हताश और परेशान हो चुके हैं। यवतमाल जिले सहित घाटंजी तहसील में भी अत्यधिक बारिश ने तबाही मचा दी है।

खेतों की सारी फसलें बर्बाद हो चुकी हैं और जमीन की गुणवत्ता भी प्रभावित हुई है। किसान पूरी तरह संकट में हैं। शासन से किसानों के हित में ठोस कदम उठाने की मांग को लेकर तिवसला में वंचित बहुजन आघाड़ी के तहसील अध्यक्ष कांबले के नेतृत्व में और महासचिव नितीन राठौड़ की मौजूदगी में अन्नत्याग दफ़न–कफ़न आंदोलन किया गया।

घाटंजी को गीला अकाल घोषित करने की मांग

किसानों का सातबारा कोरा किया जाए, घाटंजी तहसील में गीला अकाल घोषित किया जाए, कपास का मूल्य प्रति क्विंटल 12,000 निर्धारित किया जाए, सोयाबीन का मूल्य प्रति क्विंटल 7,000 दिया जाए, तुअर का मूल्य प्रति क्विंटल 10,000 दिया जाए, किसानों से सीधे बाजार भाव पर फसल खरीदी की जाए, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू की जाएँ, अतिवृष्टि से हुए नुकसान के लिए अधिकतम फसल बीमा प्रदान किया जाए।

अनाज का पैसा दिए बिना व्यापारी फरार

दिग्रस हरसुल का एक व्यापारी किसानों का अनाज रखकर बिना पैसे दिए फरार हो गया। इस कारण 40 किसानों ने दिग्रस पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। ​हरसुल का व्यापारी अमोल उपलेचवार पिछले 8 से 10 वर्षों से गांव के किसानों से उनके माल को ज्यादा भाव में खरीदकर उसका भुगतान कर रहा था। इस तरह उसने विश्वास हासिल किया था।

इसके बाद उसने किसानों से डेढ़ से दो करोड़ रुपए का अनाज खरीदने के बाद 5 अक्टूबर को चेक दिया, जो बाउंस हो गया। यह बात ध्यान में आने पर 40 किसानों ने दिग्रस पुलिस थाने में जाकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने यह मांग की है कि अनाज की बिक्री रद्द करके अनाज वापस दिलवाया जाए।

इस संदर्भ में प्रतिक्रिया जानने के लिए पुलिस निरीक्षक वैजनाथ मुंडे से संपर्क किया गया, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। ​किसान गंगाप्रसाद जायस्वाल ने बताया कि व्यापारी ने कहा था कि 'बहन से पैसे लाकर 5 तारीख को आपका भुगतान कर दूँगा। उसने 104 क्विंटल चने और 6 क्विंटल तुअर का हिसाब भी नहीं दिया और अनाज बेचकर व्यापारी फरार हो गया है।

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