स्लीपर सेल और आतंकी कनेक्शन? यवतमाल के गांवों में फर्जी जन्म-मृत्यु रिकॉर्ड मिलने से मचा हड़कंप
Yavatmal Fake Document Scam: यवतमाल में फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से बनवाए जा रहे पासपोर्ट! किरीट सोमैया का आरोप- बेनामी फंड और आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल। SIT जांच शुरू।
- Written By: प्रिया जैस
किरीट सोमैया (सौजन्य-नवभारत)
Kirit Somaiya Allegations: यवतमाल जिले के शेंदूर सनी और भवानी गांवों में फर्जी जन्म और मृत्यु की रिकॉर्ड मिलने से प्रशासनिक सर्कल में हड़कंप मच गया है। इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया है। भाजपा नेता किरीट सोमैया ने आरोप लगाया है कि इन फर्जी रिकॉर्ड के आधार पर पासपोर्ट बनवाए जा रहे हैं, सरकारी लाभ लिए जा रहे हैं और बेनामी तरीके से फंड ट्रांसफर किए जा रहे हैं।
इस संदर्भ में सोमैया ने यवतमाल के जिलाधिकारी कार्यालय का दौरा किया और जिलाधिकारी विकास मीना समेत वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस मामले के पीछे एक संगठित रैकेट सक्रिय है, जिसका नेटवर्क केवल यवतमाल तक सीमित नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र और अन्य राज्यों तक भी फैला हो सकता है।
एसआईटी जांच जरूरी
पुलिस जांच में यह सामने आया है कि इन बनावटी रिकॉर्ड के जरिए विभिन्न प्रकार की गड़बड़ियां हो रही हैं। कुछ मामलों में इन दस्तावेजों का इस्तेमाल संदिग्ध आर्थिक लेनदेन के लिए भी किया गया है। साथ ही, यह जांच भी जरूरी है कि क्या इसके माध्यम से स्लीपर सेल बनाए जा रहे हैं या इसका इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के लिए हो रहा है।
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DGP के नेतृत्व में की जाए जांच
किरीट सोमैया ने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच केवल स्थानीय स्तर पर न होकर राज्य पुलिस महासंचालक के नेतृत्व में हो। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और इस रैकेट से कौन-कौन लाभान्वित हो रहे हैं, इसका पता लगाया जाए। वहीं, एसआईटी के माध्यम से जांच जारी है।
कुछ दिन पहले इस टीम ने यवतमाल में समीक्षा बैठक भी की थी। इस मामले ने प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के सामने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और सभी की नजरें आगे की जांच पर टिकी हैं।
