

Highlights
यवतमाल के सूखा प्रभावित क्षेत्रों का केंद्रीय दल ने किया दौरा।
छह गांवों में कपास, सोयाबीन और तुअर की फसलों का निरीक्षण।
किसानों से सीधे संवाद कर फसल नुकसान और समस्याओं की जानकारी ली।
महाराष्ट्र की 265 तहसीलों में सूखे का ट्रिगर-1 लागू किए जाने का उल्लेख।
गौशाला और लघु सिंचाई परियोजना का भी केंद्रीय टीम ने जायजा लिया।
Yavatmal Kharif Crop Damage: यवतमाल जिले में इस साल खरीफ सीजन में बारिश में लंबे अंतराल और फसलों के झुलसने से उत्पन्न सूखे जैसी स्थिति के मद्देनजर केंद्र सरकार की तरफ से केंद्रीय दल ने शनिवार को जिले के सूखाग्रस्त इलाकों का दौरा किया।
दल ने किसानों के खेतों में जाकर कपास, सोयाबीन और तुअर फसलों का प्रत्यक्ष निरीक्षण व मूल्यांकन किया। सूखे की मार झेल रहे किसानों की व्यथा, कठिनाइयां और मांगें जानीं तथा उन्हें संकट से लड़ने का हौसला बढ़ाया। केंद्र सरकार किसानों को सहायता देने को लेकर सकारात्मक है।
इस साल खरीफ में बारिश में खंड पड़ने से फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। इस पृष्ठभूमि में राज्य सरकार ने राज्य के 265 तहसीलों में सूखे का ट्रिगर-1 लागू किया है। प्रभावित किसानों को राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार से भी मदद मिले, इसके लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर सहायता की मांग की थी।
इसके बाद प्रत्यक्ष निरीक्षण और नुकसान का मूल्यांकन करने के लिए केंद्रीय दल जिले में पहुंचा। इसमें में केंद्रीय जल संपदा विभाग के नियंत्रण निदेशालय के निदेशक तथा दल प्रमुख अर्जेश कुमार मधोक, वित्त मंत्रालय के सह-निदेशक महेश कुमार, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की उप सचिव सीमा रानी और ग्रामीण विकास विभाग के उप सचिव संजय मीना शामिल थे।
दल ने यवतमाल तहसील के मडकोना और लासीना, तथा नेर तहसील के लोणी, मांडवगड, वटफली और दोडकी गांवों का दौरा किया। इस दौरान खेतों में कपास, सोयाबीन और तुअर फसलों का निरीक्षण कर फसलों की मौजूदा स्थिति, बारिश में खंड के कारण हुए नुकसान और खेती की समस्याओं की जानकारी ली।
किसानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं और अपेक्षाएं जानों। सूखे के संकट का सामना कर रहे किसानों को मदद के लिहाज से केंद्र सरकार सकारात्मक होने का भरोसा भी इस दौरे में जताया गया। इस दौरे में केंद्रीय दल के साथ जिलाधिकारी विकास मीना, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी मनोजकुमार ढगे सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
केंद्रीय दल ने यवतमाल शहर की श्री गौरक्षण संस्था का दौरा कर गौशाला का निरीक्षण किया। इस दौरान गायों की संख्या, उपलब्ध चारा और पशुधन के लिए राज्य सरकार की ओर से किए जा रहे उपायों की जानकारी ली। दल के सदस्यों ने गौशाला की गायों को पशु आहार खिलाकर पशुधन के प्रति अपनापन व्यक्त किया।
यवतमाल तहसील के किटा कापरा स्थित लघु सिंचाई परियोजना का भी दल ने दौरा किया। परियोजना में घटते जलस्तर की स्थिति जानी। उपलब्ध जलभंडार, जल स्रोत, भूजल स्तर तथा सिंचाई परियोजना और कुओं का जलस्तर बढ़ाने के लिए किए जा रहे उपायों की समीक्षा की। सूखे की स्थिति में जल प्रबंधन के महत्व को ध्यान में रखते हुए संबंधित जानकारी संकलित की गई।