पुस नहर में छोड़ा डिस्टिलरी का स्पेंटवॉश (सौजन्य-नवभारत)
Deccan Distillery Mahagaon: महागांव तहसील के सवना से गुंज क्षेत्र में डेक्कन डिस्टिलरी प्रकल्प से निकलने वाला जहरीला “स्पेंटवॉश” सीधे पूस परियोजना की नहरों और किसानों के खेतों में छोड़े जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इससे जलचर जीवों के जीवन पर खतरा मंडराने लगा है। इस घटना को लेकर किसानों में भारी रोष देखा जा रहा है।
स्थानीय आरटीआई कार्यकर्ता अनंता नागरगोजे ने इस मामले में प्रशासन के पास शिकायत दर्ज कराई है। इथेनॉल निर्माण प्रक्रिया के दौरान तैयार होने वाले इस रासायनिक अपशिष्ट को टैंकरों के माध्यम से सुरक्षित स्थान पर ले जाने के बजाय, कुछ चालक ईंधन बचाने के लिए शॉर्टकट अपनाते हुए नहरों और अन्य स्थानों पर ही छोड़ रहे हैं।
इसके कारण नहर का पानी प्रदूषित हो रहा है और खेतों की फसलें, पशुधन तथा जलस्रोत खतरे में पड़ गए हैं। कई जगहों पर पानी का रंग काला पड़ गया है और दुर्गंध फैल रही है। इस जहरीले पानी के कारण पहले भी पशुओं की मौत होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे स्थानीय किसान आक्रोशित हैं।
नागरिकों का कहना है कि इस संबंध में पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। कुछ स्थानों पर स्पेंटवॉश के भंडारण की व्यवस्था होने के बावजूद टैंकर चालक नियमों का उल्लंघन कर इसे खुले में फेंक रहे हैं।
इस पूरे मामले की जांच कर दोषी टैंकर चालकों और संबंधित डिस्टिलरी प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई की मांग अब जोर पकड़ रही है। जलस्रोतों को बचाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता जताई जा रही है। इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पर्यावरण विभाग और जिला प्रशासन को लिखित शिकायत भी सौंपी है।
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डेक्कन डिस्टिलरी प्रकल्प से निकलने वाला जहरीला “स्पेंटवॉश” को काफी घातक बताया गया है। जिससे जल जमीन प्रदूषित होने की आशंका बनी रहती है। संबंधित कारखाने के कर्मी टैंकर के ईंधन में बचत करने के लिए यह घातक तरल नहरों में और जहां-तहां बहाते नजर आ रहे हैं। इस गंभीर मामले की शिकायत सामाजिक कार्यकर्ता अनंता नागरगोजे ने प्रशासन से की है।