Yavatmal News: दिग्रससं तालुका में राष्ट्रीय महामार्ग क्रमांक 161ए के लिए अधिग्रहित की गई किसानों की जमीन का मुआवजा अब तक नहीं मिलने के कारण किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
किसानों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि 24 मार्च तक उन्हें मंजूर मुआवजा नहीं दिया गया, तो 25 मार्च को अमरावती स्थित राष्ट्रीय महामार्ग विभाग के कार्यकारी अभियंता कार्यालय के सामने सामूहिक आत्मदाह किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय महामार्ग 161ए के निर्माण के लिए कई किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई थी। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हुए करीब चार वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अब तक किसानों को उनका मुआवजा नहीं मिला।
इससे किसानों में रोष बढ़ता जा रहा है और वे लगातार प्रशासन से न्याय की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में किसानों की ओर से प्रशासन को लिखित निवेदन भी दिया गया है। निवेदन में स्पष्ट कहा गया है कि यदि तय समय तक मुआवजा नहीं मिला तो किसान कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वाशिम जिले के वाईगांव क्षेत्र के गट क्रमांक 44 में लगभग 0।700 हेक्टेयर कृषि भूमि राष्ट्रीय महामार्ग के लिए संपादित की गई थी। जमीन अधिग्रहण की सभी प्रक्रिया पूरी होकर संबंधित दस्तावेज शासन के पास दर्ज होने के बावजूद भी किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है।
विशेष बात यह है कि उपविभागीय अधिकारी तथा भूमि संपादन अधिकारी, कारंजा कार्यालय की ओर से 5 दिसंबर 2022 को इस संबंध में नोटिस भी जारी किया गया था। इसके बाद भी किसानों को भुगतान नहीं किया गया।
दूसरी ओर, राष्ट्रीय महामार्ग विभाग अमरावती के कार्यकारी अभियंता द्वारा 28 मार्च 2022 को करीब 52 लाख 58 हजार 615 रुपये की मुआवजा राशि मंजूर किए जाने का उल्लेख दस्तावेजों में किया गया है। इसके बावजूद किसानों के खातों में यह राशि जमा नहीं हुई है।
किसानों का कहना है कि बारबार प्रशासन के चक्कर लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। इसलिए अब उन्होंने आंदोलन का रास्ता अपनाते हुए आत्मदाह जैसी गंभीर चेतावनी दी है।
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