World TB Day 2026 News: विश्व टीबी दिवस के अवसर पर आज पूरे देश सहित जिले में विविध जनजागृति कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। हर वर्ष 24 मार्च को मनाए जाने वाले इस दिन का उद्देश्य टीबी जैसे गंभीर संक्रामक रोग के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना और इसके उन्मूलन के प्रयासों को गति देना है।
इस दिन का ऐतिहासिक महत्व भी है। 24 मार्च 1882 को जर्मन वैज्ञानिक रॉबर्ट कोच ने टीबी के जीवाणु की खोज की थी, जिससे इस दिवस को विशेष पहचान मिली। वर्ष 2026 का घोषवाक्य है- “हाँ, हम टीबी रोग का अंत कर सकते हैं।”
जिला स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 के दौरान अकोला जिले में कुल 1065 टीबी मरीज दर्ज किए गए हैं। इसके मद्देनज़र जिले में व्यापक स्तर पर जनजागृति अभियान चलाए जा रहे हैं।
जिले के सभी शासकीय अस्पतालों में टीबी की जांच के लिए एक्स-रे और थूक परीक्षण की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध है। साथ ही मरीजों को आवश्यक दवाइयाँ भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव स्तर तक मुफ्त प्रदान की जाती हैं। आशा कार्यकर्ता एवं स्वास्थ्य कर्मचारी मरीजों की नियमित निगरानी और देखरेख करते हैं।
जिला टीबी अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि टीबी एक गंभीर बीमारी जरूर है, लेकिन यह पूरी तरह से उपचार योग्य है। वहीं, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बलीराम गाढवे ने नागरिकों से अपील की है कि लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराएं और समय पर उपचार लेकर स्वयं एवं समाज को सुरक्षित रखें।
दो सप्ताह से अधिक खांसी, कफ या खून आना, रात में बुखार व पसीना, अचानक वजन कम होना, भूख में कमी, थकान व कमजोरी तथा छाती में दर्द।
गांठें बनना, हड्डियों में दर्द, तीव्र सिरदर्द आदि।
संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से फैलाव, कमजोर प्रतिरोधक क्षमता (मधुमेह, एचआईवी, कुपोषण), भीड़भाड़ और बंद स्थान, धूम्रपान व मद्यपान तथा अस्वच्छ वातावरण।
नवजात को बीसीजी टीकाकरण, खांसते-छींकते समय मुंह ढकना, घर में पर्याप्त वेंटिलेशन, संक्रमित व्यक्ति से दूरी, पौष्टिक आहार व नियमित व्यायाम, तथा समय पर जांच और उपचार।