

Collector Office Bribery: यवतमाल जिले में रिश्वतखोरी लगातार बढ़ती जा रही है और अब इसका असर सीधे जिल्हाधिकारी कार्यालय तक पहुंच गया है। इस कार्यालय के एक राजस्व सहायक और एक लिपिक को शुक्रवार (13 मार्च) की दोपहर एक किसान से 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया। भोगवटदार वर्ग-दो की जमीन को वर्ग-एक में बदलकर देने के लिए यह रिश्वत मांगी गई थी।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम गोपाल महादेवराव मोहाडे (44) निवासी सानेगुरुजी नगर, लोहारा, यवतमाल तथा राहुल अरुणराव कुयटे (38) निवासी वारको सिटी, धामणगांव रोड, यवतमाल हैं। इस मामले में शिकायतकर्ता किसान ने कलंब तहसील के मेंढला गांव की कृषि भूमि का सौदा किया था।
इस जमीन को भोगवटदार वर्ग-दो से वर्ग-एक में बदलने के लिए मूल जमीन मालिक ने जिल्हाधिकारी कार्यालय में आवेदन किया था और खरीदार को इस प्रक्रिया का पालन करने के लिए कहा था। इसके बाद खरीदार ने जिल्हाधिकारी कार्यालय के राजस्व विभाग में कार्यरत राजस्व सहायक गोपाल मोहाडे से मुलाकात की।
इस दौरान मोहाडे ने आदेश जारी करने के लिए 75 हजार रुपये की रिश्वत मांगी और यह रकम वरिष्ठ लिपिक राहुल कुयटे को देने के लिए कहा। इस संबंध में 6 मार्च को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत के बाद एसीबी की टीम ने 13 मार्च को एसबीआई चौक स्थित फ्रेंड्स बार में जाल बिछाकर राहुल कुयटे को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया।
बाद में दोनों आरोपियों को आगे की कार्रवाई के लिए शहर पुलिस के हवाले कर दिया गया। यह कार्रवाई एसीबी अमरावती परिक्षेत्र के पुलिस अधीक्षक बापू बांगर तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सचिंद्र शिंदे के मार्गदर्शन में पुलिस उपअधीक्षक अभय आष्टेकर, पुलिस निरीक्षक अर्जुन धनवट और पुलिस कर्मी जयंत ब्राह्मणकर, अब्दुल वसीम, संजय भुजाडे, सचिन भोयर, इफराझ काजी, भागवत पाटील, आकाश सहारे, मनीषा राजूरकर और अतुल नागमोते की टीम ने अंजाम दी।