

WCL Land Acquisition: यवतमाल जिले के वणी तहसील के उकणी-बेलसनी क्षेत्र में जमीन अधिग्रहण के मुद्दे पर शनिवार, शनिवार को सुबह बड़ा आंदोलन देखने को मिला। उकणी के प्रकल्पग्रस्त किसानों ने बेलोरा गांव के समीप स्थित चेकपोस्ट पर चक्का जाम कर कोयला परिवहन पूरी तरह रोक दिया।
इस अचानक हुए आंदोलन से वणी-चंद्रपुर मार्ग होते हुए घुग्घुस जाने वाली सड़क पर ट्रकों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात कुछ समय के लिए ठप हो गयी। शेतकरी संघर्ष समिति और कांग्रेस के प्रदेश सचिव संजय खाडे के नेतृत्व में यह आंदोलन किया गया। किसानों का आरोप है कि उकणी खंड-1 परिसर में लगभग 85 प्रतिशत जमीन का अधिग्रहण हो चुका है, लेकिन शेष 170 किसानों की करीब 600 एकड़ जमीन अब तक अधिग्रहित नहीं की गई है।
उनका कहना है कि वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) इस प्रक्रिया में जानबूझकर टालमटोल कर रही है। आंदोलन के दौरान कोयला ढोने वाले भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई। चेकपोस्ट पर किसानों ने नारेबाजी करते हुए स्पष्ट किया कि जब तक जमीन अधिग्रहण, पुनर्वसन, आश्रितों को रोजगार और लंबित मुआवजे के मुद्दे हल नहीं होंगे, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वेकोलि निलजई उपक्षेत्र के प्रबंधक एस.के. सुतार और क्षेत्रीय योजना अधिकारी एस.पी. सिंह मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से चर्चा की। बताया गया कि बातचीत सकारात्मक रही और किसानों को लिखित आश्वासन दिया गया। इसके बाद शेतकरी संघर्ष समिति ने फिलहाल आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की।
इस मौके पर संजय खाड़े ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि आज का आंदोलन किसानों के संयम का विस्फोट है। वर्षों से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। हमें संघर्ष नहीं चाहिए, पर यदि न्याय से वंचित रखा गया तो आंदोलन और व्यापक व उग्र होगा।आंदोलन में समिति के अध्यक्ष पुरुषोत्तम भुसारी, उपाध्यक्ष अमोल पुरडकर, पराग तुराणकर सहित उकणी और बेलसनी क्षेत्र के सैकड़ों किसान बड़ी संख्या में उपस्थित थे।