

Man Dies In YaUmarkhed Lightning Tragedy: यवतमाल जिले के उमरखेड़ तहसील के दराटी-कोरटा मार्ग स्थित शिवाजीनगर परिसर में गुरुवार दोपहर एक हृदयविदारक घटना घटी। यहां खेत में आकाशीय बिजली गिरने से श्रीनिवास राठौड़ नामक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्रीनिवास खेत में हॉलर मशीन से ज्वार निकालने गया था।
अपना काम पूरा करने के बाद जब अचानक बारिश शुरू हुई, तो वह बचाव के लिए एक आम के पेड़ के नीचे खड़ा हो गया। इसी दौरान बिजली सीधे उस पर आ गिरी। इस भीषण हादसे में खेत मालिक नंदाबाई जीवन आड़े और उनका पुत्र यश भी गंभीर रूप से झुलस गए हैं। उनके हाथ-पैर बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
उमरखेड़ तहसील के मुलावा क्षेत्र अंतर्गत झाडगांव, भांबरखेडा, तिवरंग और पिंपलदरी गांवों में गुरुवार दोपहर प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला। अचानक आए तेज आंधी-तूफान और भीषण ओलावृष्टि ने पूरे इलाके में भारी तबाही मचाई है। मात्र आधे से पौने घंटे तक चले इस कुदरती कहर ने किसानों की सालभर की कड़ी मेहनत पर पानी फेर दिया। इस आपदा में पपीता, केला, मूंग और गर्मी की ज्वार जैसी फसलों को जबरदस्त आर्थिक क्षति पहुंची है। उमरखेड़ क्षेत्र के अनेक किसानों ने हल्दी की फसल उबालकर उसे सुखाने के लिए खेतों में फैलाकर रखी थी। अचानक हुई मूसलाधार बारिश के कारण पूरी हल्दी भीग गई, जिससे किसानों को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है। इसके अलावा, कटाई के लिए तैयार मूंग और गर्मी की ज्वार के दाने झड़ जाने से उत्पादन में बड़ी गिरावट आई है। उत्पादन लागत बढ़ने और ऊपर से फसल खराब होने के कारण अब किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। झाडगांव और भांबरखेडा में स्थिति सबसे अधिक गंभीर बनी हुई है।
उमरखेड़ खंड क्रमांक-1 क्षेत्र में बिजली गिरने की एक दुखद घटना सामने आई है। किसान हिरामण भुजंगा दुर्घवार के खेत में चर रही एक पांच वर्षीय भैंस पर आकाशीय बिजली गिरी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने पीड़ित किसान को बड़ा आर्थिक झटका दिया है। उमरखेड़ तहसीलदार आर. यू. सुरडकर ने किसानों और नागरिकों से अपील की है कि मौसम खराब होने या बिजली चमकने के दौरान खुले खेतों में काम न करें और पेड़ों के नीचे आश्रय लेने से बचें।
प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों और ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन से गुहार लगाई है कि राजस्व विभाग की टीम तत्काल खेतों में पहुंचकर नुकसान का वस्तुनिष्ठ पंचनामा करे। किसानों का कहना है कि सरकार की ओर से जल्द से जल्द आर्थिक सहायता प्रदान की जाए ताकि वे इस बड़े संकट से उबर सकें। फिलहाल मौसम विभाग ने क्षेत्र में अगले कुछ घंटों तक सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है