
किसान आत्महत्या (डिजाइन फोटो)
Farmer Distress India: यवतमाल में इस साल हुई भारी बारिश ने फसल बर्बादी से जूझ रहे किसानों की हालत और भी खराब कर दी है। इसके चलते आत्महत्याओं की संख्या बढ़ रही है। शुक्रवार को इसी हताशा में एक ही दिन में दो किसानों ने आत्महत्या कर ली। ये घटनाएं कलंब तालुका के डोंगरखर्डा और वणी तालुका के भालर में उजागर हुईं।
लगातार फसल बर्बादी और बढ़ते कर्ज के बीच एक किसान द्वारा आत्महत्या करने की घटना शुक्रवार शाम 7 बजे डोंगरखर्डा में सामने आई। मृतक का नाम दिलीप रमेश कोहले (32) है। उसने अपने ही खेत में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। चूँकि इस साल भी उसकी आमदनी संतोषजनक नहीं थी, इसलिए वह बैंक का कर्ज कैसे चुकाएगा, इस चिंता में था। बताया जा रहा है कि इसी वजह से उसने आत्महत्या की। उसके परिवार में उसकी माँ, भाई और बहन हैं।
अन्य घटना वणी तालुका के भालर की है। 49 वर्षीय किसान ने भी शुक्रवार को जहर खाकर आत्महत्या कर ली। घटना रात के समय सामने आई। जहर खाने वाले किसान का नाम संजय भावराव लाडे है। संजय लाडे शुक्रवार सुबह खेत जाने के लिए अपने घर से निकले थे। खेत में जाने के बाद उन्होंने जहरीली दवा खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
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जब उनका बेटा खेत में गया और अपने पिता को मृत पाया। बेटे ने तुरंत परिवार को इसकी जानकारी दी। परिवार और ग्रामीण खेत की ओर दौड़े और रात में ही वणी पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने घटनास्थल पर पंचनामा किया और शनिवार सुबह शव को पोस्टमार्टम के लिए ग्रामीण अस्पताल ले गई।






