नायगांव में मची सनसनी, बाघ की लाश देखकर सहमे गांव वाले, क्या है मौत का असली राज़?

Naigaon Tiger Death: वणी-घुग्घुस मार्ग पर नायगांव में बाघ मृत अवस्था में मिला। मौत का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है। वन विभाग जांच में जुटा। ग्रामीणों में दहशत फैल गई है।
Naigaon Tiger Death: वणी-घुग्घुस मार्ग पर नायगांव में बाघ मृत अवस्था में मिला। मौत का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है। वन विभाग जांच में जुटा। ग्रामीणों में दहशत फैल गई है।
बाघ का शव (सौजन्य-नवभारत)
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Yavatmal News: वणी से घुग्घुस मार्ग पर नायगांव परिसर में शनिवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब बेलोरा बस स्टॉप के सामने सड़क किनारे झाड़ियों में एक विशाल पट्टेदार बाघ मृत अवस्था में पाया गया। राहगीरों की नजर जैसे ही बाघ पर पड़ी, पूरे इलाके में खलबली मच गई। देखते ही देखते मृत बाघ की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिससे जनमानस में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

घटना की जानकारी मिलते ही शिरपुर पुलिस और वन विभाग के अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। बाघ की मौत कैसे हुई, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। किसी संघर्ष, बीमारी या अन्य कारणों की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं। घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिसे नियंत्रित करने में प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

झाड़ियों में मिला बाघ का शव

नायगांव कोयला खदान क्षेत्र, नए पेट्रोल पंप के सामने स्थित पड़ी जमीन की झाड़ियों में बाघ का शव मिलने से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय नागरिकों में यह चर्चा जोरों पर है कि आखिर जंगल के राजा की मौत यहां कैसे हुई। कुछ लोग अवैध गतिविधियों की आशंका जता रहे हैं, तो कुछ  हादसा या आपसी संघर्ष की संभावना पर सवाल उठा रहे हैं।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बाघ के शव का पोस्टमार्टम (उत्तरीय परीक्षण) किए जाने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल शव को कब्जे में लेकर जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और हर पहलू से मामले की छानबीन की जा रही है।

खदान परिसर में कई बार दिखते हैं बाघ

गौरतलब है कि पिछले तीन वर्षों से शिंदोला सीमेंट माइंस, मुंगोली, कोलगांव और निलजई कोयला खदान क्षेत्र में पट्टेदार बाघों का लगातार मूवमेंट देखा जा रहा है। दिसंबर 2022 में निलजई कोयला खदान परिसर में केशवराव नांदे नामक मजदूर पर बाघ के हमले की घटना भी सामने आई थी, जिसमें वह घायल हुआ था।

हालांकि इसके बाद मानव पर हमले की कोई बड़ी घटना नहीं हुई, लेकिन खेतों और खदान क्षेत्रों में बाघ के दिखने से मजदूरों और किसानों में डर बना रहा।इस ताजा घटना ने एक बार फिर खदान मजदूरों, किसानों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। बाघ की रहस्यमय मौत अब पूरे वणी क्षेत्र में चर्चा का विषय बन चुकी है।अब सबकी निगाहें वन विभाग की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस सनसनीखेज मामले से पर्दा उठाएगी।

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