यवतमाल में नकली सोयाबीन बीज से थमा अंकुरण, कर्ज में डूबे 300 से अधिक किसानों ने लगाई न्याय की गुहार

Soybean Crop Loss: यवतमाल में बारिश के बाद कर्ज लेकर सोयाबीन बोने वाले किसानों को बड़ा झटका लगा है। नकली बीज के कारण खेतों में अंकुरण नहीं हुआ, जिसके बाद कृषि विभाग ने जांच और कार्रवाई तेज कर दी है।
Soybean Farmers Crop Loss Maharashtra
सोयाबीन बीज प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Soybean Seed Failure In Yavatmal: जून माह में बारिश की बेरुखी के बाद जुलाई में पखवाड़ा बीतने पर कहीं-कहीं हुई बारिश से किसानों में खरीफ फसल को लेकर उम्मीद जागी थी। बारिश होते ही किसानों ने कर्ज लेकर और अपनी जमा पूंजी खर्च कर बड़े भरोसे के साथ सोयाबीन की बुआई की। लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी खेतों में सोयाबीन के अंकुर नहीं निकले। आखिरकार परेशान किसानों ने कृषि विभाग का दरवाजा खटखटाया। जांच में सामने आया कि यवतमाल जिले भर के 319 किसानों को कथित रूप से खराब बीज के कारण नुकसान उठाना पड़ा है।

पहले ही मौसम की मार झेल रहे किसानों के सामने अब नकली बीज की समस्या ने नई परेशानी खड़ी कर दी है। यवतमाल जिले में 2 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सोयाबीन की खेती की जाती है। इस बार पर्याप्त नमी और अनुकूल वातावरण में बुआई करने के बाद भी कई किसानों के खेतों में 1 सप्ताह से अधिक समय बीतने के बावजूद बीज अंकुरित नहीं हुए। किसानों ने कृषि विभाग में शिकायतें दर्ज करानी शुरू कीं। किसानों का कहना है कि उन्होंने उधार पैसे लेकर बीज और खाद की व्यवस्था की थी। अब बुआई में करीब 20 दिन की देरी हो चुकी है।

इसके बाद किसानों ने कृषि विभाग में शिकायत दर्ज कराई। कृषि विभाग के अनुसार, अब तक जिले से 319 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें सबसे अधिक शिकायतें नेर तहसील से 125 हैं। इसके बाद बाभुलगांव से 85, दारव्हा से 27, कलंब से 26, वणी से 14 और यवतमाल से 13 शिकायतें मिली हैं। इसके अलावा दिग्रस, पांढरकवड़ा, पुसद, उमरखेड़, महागांव, रालेगांव, झरी जामणी और मारेगांव तहसीलों से भी शिकायतें प्राप्त हुई हैं।

320 बीज नमूने प्रयोगशाला भेजे गए

सोयाबीन के बीज अंकुरित नहीं होने की शिकायतें सबसे अधिक सामने आई हैं। बूस्टर कंपनी, रबी कंपनी, बिगर बायोटेक, अंकुर सीड्स और इनोवेज जैसी कंपनियों के बीजों को लेकर अधिक शिकायतें मिली हैं। कृषि विभाग ने शिकायतों के आधार पर संबंधित स्थानों पर जांच अभियान चलाया है। अब तक 320 संदिग्ध बीज नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। साथ ही बड़ी मात्रा में संदिग्ध बीजों के भंडार को बिक्री से रोक दिया गया है। प्रशासन कड़ी कार्रवाई करेगा।

116 शिकायतों की प्रत्यक्ष जांच पूरी

जिले में सोयाबीन बीज की गुणवत्ता को लेकर मामला गंभीर होता जा रहा है। कृषि विभाग को मिली 319 शिकायतों में से 116 शिकायतों की मौके पर जाकर जांच पूरी की जा चुकी है। जांच के दौरान 1 हजार 18 क्विंटल संदिग्ध बीज का भंडार बिक्री से प्रतिबंधित किया गया है।

यवतमाल जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी मनोजकुमार ढगे ने कहा है कि  जिले में सामने आए सोयाबीन बीज मामले में कृषि विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। विभिन्न कंपनियों के 320 बीज नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी कंपनियों को 8 दिन के भीतर नोटिस जारी किए जाएंगे।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com