

Women Entrepreneurs Rupali Gaiki: अगर शून्य से कुछ बनाने की जिद हो, तो मुश्किलों के पहाड़ भी पार किए जा सकते हैं। इस कहावत को यवतमाल की रूपाली आशीष गायकी (Rupali Gaiki) ने अपने कार्य से सच कर दिखाया है। सीमित पारिवारिक स्थिति और केवल खेती पर निर्भर जीवन के बावजूद, उन्होंने उद्यमी बनने का सपना देखा और आज 'राघवी लकड़ी तेल घानी' के माध्यम से सालाना करीब 5 लाख रुपये का कारोबार कर रही हैं।
यह गृह उद्योग उनके परिवार के लिए खेती का पूरक बनकर आर्थिक मजबूती का साधन बना है। यवतमाल जिले के कापरा मेथड गांव की रहने वाली रूपाली ने 12वीं तक शिक्षा प्राप्त की है। उनके पति खेती करते थे, लेकिन बड़े परिवार का खर्च केवल खेती से चलाना मुश्किल था।
कुछ नया करने की चाह तो थी, लेकिन पूंजी और जगह की कमी एक बड़ी बाधा थी। ऐसे में उन्होंने महिला बचत समूह का सहारा लिया, जिससे उन्हें छोटे-छोटे कर्ज मिलने लगे और उनका आत्मविश्वास बढ़ा। उद्योग चुनते समय रूपाली ने केवल मुनाफे पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता दी।
आज के समय में बढ़ती बीमारियों के पीछे रिफाइंड तेल को कारण मानते हुए उन्होंने 'शुद्ध लकड़ी तेल घानी' शुरू करने का निर्णय लिया। इसके लिए उन्हें कृषि विज्ञान केंद्र, यवतमाल से प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन मिला। व्यवसाय के लिए पूंजी जुटाने में उन्हें 'प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग योजना' का बड़ा सहारा मिला।