Yavatmal: दारव्हा में कर वृद्धि पर नागरिकों का हंगामा, नोटिसों की होली जलाकर विरोध
Yavatmal News: दारव्हा में नगर परिषद की मनमानी कर वृद्धि से नागरिक भड़के। नोटिसों की होली जलाकर विरोध किया है। साथ हीप्रशासन से जवाब और कर व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग है।
- Written By: अपूर्वा नायक
दारव्हा न्यूज (सौ. सोशल मीडिया )
Yavatmal News In Hindi: यवतमाल की दारव्हा नगर परिषद द्वारा चौथे वार्षिक कर मूल्यांकन के तहत नागरिकों को नोटिसें भेजी गई हैं। इसमें मनमाने ढंग से कर वृद्धि की गई है, जिससे नागरिकों में भारी आक्रोश फैल गया। सोमवार को इस अन्याय के खिलाफ न्याय की मांग करते हुए नागरिकों ने नगरपालिका कार्यालय पर दस्तक दी।
दारव्हा के नागरिक बड़ी संख्या में कर वृद्धि के विरोध में नगर परिषद पहुंचे। मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने सभागृह में उपस्थित नागरिकों के सामने प्रशासन की ओर से स्पष्टीकरण दिया और आपत्तियां आने पर सुनवाई करने का आश्वासन दिया। लेकिन इससे नागरिक संतुष्ट नहीं हुए। नागरिकों ने प्रमाण के तौर पर दिखाया कि कुछ वार्डों, भोगवटदारों और मोहल्लों में कर तीन गुना, चार गुना से लेकर दस गुना तक बढ़ाया गया है।
नागरिकों की ओर से एड। राजेश जाधव, हरीश जाधव, अशोक जयसिंगपुरे, डॉ। मनोज राठोड़, रवि तरटे, चंद्रकांत मुनगिलवार, अजिंक्य निमकर, प्रा। सुरेश निमकर, गजानन देऊलकर, मनोहर नवरंगे, कृष्णा निबर्ते, किशोर घेरवरा आदि ने अपनी बात रखी। इस दौरान नागरिकों ने कर नोटिसों की होली जलाकर विरोध जताया।
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नागरिकों ने कहा कि दारव्हा नगरपालिका द्वारा ऐसी कर वसूली की जा रही है जो बड़े शहरों को भी शर्मसार कर दे, लेकिन सुविधाओं के मामले में प्रशासन पूरी तरह नाकाम है। कई जगहों पर पेयजल पाइपलाइन नहीं पहुंची है, सड़कें खुदी पड़ी हैं, नालों का निर्माण महीनों से अधूरा है। पूरे शहर में धूल भरे वातावरण के कारण दमा, खांसी, सर्दी जैसी बीमारियाँ बढ़ रही हैं।
शिक्षा व्यवस्था पिछले 20 वर्षों से जस की तस है। नगर परिषद ने अच्छी गुणवत्ता वाली स्कूलें नहीं खोलीं। बड़े शहरों में 500 वर्ग फुट तक के मकानों को संपत्ति कर में छूट दी जाती है और महिलाओं व वरिष्ठ नागरिकों को भी राहत मिलती है, लेकिन यहाँ कर आसमान छू रहा है और सुविधाओं का घोर अभाव है, ऐसा आरोप अशोक जयसिंगपुरे ने लगाया। नई कर प्रणाली के खिलाफ नागरिकों में आक्रोश की लहर दौड़ गई है और आक्षेप दर्ज कराकर आंदोलन शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
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कर वृद्धि में आगे, सुविधाओं में पीछे
नगरपालिका ने कहा है कि कर को लेकर 11 नवंबर तक आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। लेकिन पिछला अनुभव यही बताता है कि आपत्तियों पर सुनवाई ही नहीं होती, ऐसा कहना अशोक जयसिंगपुरे का है। शहर में सुविधाएँ उपलब्ध कराने को लेकर प्रशासन गंभीर नहीं है, लेकिन कर वसूली में हमेशा आगे रहता है, ऐसा आरोप उन्होंने लगाया।
