

Yavatmal Pusad Court: यवतमाल जिले के पुसद तहसील में नाबालिग लड़की के साथ लैंगिक अत्याचार करने के मामले में पुसद न्यायालय ने आरोपी को 10 वर्ष की सश्रम कारावास तथा जुर्माने की सजा सुनाई है। यह महत्वपूर्ण फैसला तदर्थ जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश क्रमांक-1 एस। एन। शाह ने सुनाया। मामले में शासन पक्ष की ओर से अतिरिक्त सरकारी अभियोक्ता एस. बी. शर्मा ने पैरवी की।
प्रकरण के अनुसार, पुसद तहसील के ग्रामीण पुलिस थाना क्षेत्र अंतर्गत आरोपी शुभम प्रभाकर कांबले ने 3 मार्च 2024 की रात लगभग 12 से 1 बजे के बीच नाबालिग पीड़िता का हाथ पकड़कर उसे जबरन अपने घर ले जाकर दरवाजा बंद कर दिया तथा जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ लैंगिक अत्याचार किया। घटना के बाद पीड़िता ने पुसद ग्रामीण पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 8 गवाह पेश किए गए, मामले को महत्वपूर्ण गवाह पीड़िता एवं उसके परिजन अदालत में मुकर गए, लेकिन अतिरिक्त सरकारी अभियोक्ता एस. बी. शर्मा ने जिरह के दौरान उनसे घटना से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्यों को स्वीकार करवाया इसके अलावा पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट, रासायनिक परीक्षण रिपोर्ट, पंच गवाहों, पुलिस गवाहों तथा जांच अधिकारी के साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया।
न्यायालय ने 16 मई 2026 को आरोपी को पोक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत 10 वर्ष की सश्रम कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही भारतीय दंड संहिता की धारा 506 के तहत 1 वर्ष की सश्रम कैद एवं 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया। न्यायालय ने आदेश दिया कि कुल जुमनि की राशि में से 25 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाएं तथा शेष 10 हजार रुपये सरकारी खजाने में जमा किए जाएं। मामले की जांच पुलिस निरीक्षक राजेश राठोड, पुसद ग्रामीण पुलिस स्टेशन ने की। जबकि पैरवी अधिकारी के रूप में गजानन राठोड ने कार्य देखा।