वर्धा में 20 साल पुराण जर्जर बना खतरा, नागरिको ने की तुरंत मरम्मत की मांग
Wardha Waterlogging Issue: वर्धा में विक्रमशिला नगर और सौरभनगर के पास 20 वर्ष पुराना पुल जर्जर हो गया है। नागरिकों ने नया पुल बनाने और प्रशासन पर कार्रवाई करने की मांग की है।
- Written By: केतकी मोडक
प्रशांत कुत्तरमारे, प्रशांत कुत्तरमारे, प्रशांत कुत्तरमारे और कैलास भगत (सोर्स- फोटो नवभारत)
Wardha Old Bridge Civic Negligence: वर्धा शहर के विक्रमशिला नगर व सौरभनगर के पास स्थित 20 वर्ष पुराना पुल (नाला) अत्यंत जर्जर हो चुका है। पुल का आकार छोटा होने के साथ-साथ बाढ़ की स्थिति में इसके कभी भी ढहने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। थोड़ी सी भी तेज बारिश होने पर पुल के ऊपर से पानी बहने लगता है, जिसके कारण यह पूरा मार्ग बंद हो जाता है। नागरिकों ने आरोप लगाया है कि इसके बावजूद संबंधित प्रशासन के अधिकारी नए पुल के निर्माण को लेकर लगातार टालमटोल की भूमिका अपना रहे हैं।
बारिश पूर्व नाले की सफाई नहीं हुई
नागरिक स्वप्नील सकटेल ने कहा है कि “इस नाले की बारिश के पूर्व उचित सफाई करना बेहद जरूरी था, लेकिन इस ओर पूर्णतः अनदेखी की गई है। पिछले सप्ताह हुई मामूली बारिश में ही नाला पूरी तरह उफान पर आ गया था, जिसके चलते मार्ग पर आवागमन ठप हो गया। ग्राम पंचायत प्रशासन की इस उदासीनता का खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।”
बाढ़ से संपर्क टूट जाता है
विदर्भ सचिव (समता सैनिक दल) रमेश निमसडकर ने कहा है कि “विक्रमशिला नगर व सौरभनगर को जोड़ने वाला यह पुल अत्यधिक पुराना हो चुका है। संपूर्ण वर्धा शहर के जल निकासी का पानी इसी नाले से होकर गुजरता है। पुल का व्यास काफी छोटा होने के कारण मामूली बारिश में भी बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है, जिससे विक्रमशिला नगर व सौरभनगर का मुख्य शहर से संपर्क पूरी तरह टूट जाता है।”
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जल्द बनाएं नया पुल
नागरिक कैलास भगत ने बताया है कि “वर्धा शहर से सावंगी तथा बुटीबोरी-तुलजापुर मार्ग की ओर जाने के लिए यह एक बेहद सुविधाजनक मार्ग है, जिसके कारण यहां चौबीसों घंटे बड़े पैमाने पर ट्रैफिक रहता है। लेकिन इस जर्जर पुल की वजह से हर समय किसी बड़ी दुर्घटना का खतरा बना रहता है। जनहित में यहां जल्द से जल्द नया पुल बनाना बेहद जरूरी है।”
दुर्घटना की बनी है संभावना
सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत कुत्तरमारे ने कहा है कि “यह पुल पूरी तरह जीर्ण हो चुका है और यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा घट सकता है। मामूली बारिश होने पर भी पुल पानी में डूब जाता है। इस पुल पर कोई सुरक्षा दीवार (रेलिंग) भी नहीं है, जिससे लोगों को अपनी जान हथेली पर रखकर यहां से आवागमन करना पड़ रहा है। प्रशासन को सौरभनगर के इस पुल का निर्माण तुरंत करना चाहिए।”
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ग्रापं प्रशासन का उदासीन रवैया
नागरिक विश्वास ताकसांडे ने कहा है कि “स्थानीय नागरिकों ने एकजुट होकर पालकमंत्री को इस जर्जर पुल व सड़क की खस्ताहाल स्थिति के संदर्भ में अवगत कराया था। इसके बाद पालकमंत्री ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत सड़क का निर्माण करवा दिया और पुल बनाने के निर्देश भी जारी किए थे। लेकिन ग्राम पंचायत प्रशासन के उदासीन रवैये के चलते आज भी नागरिक इस 20 वर्ष पुराने खतरनाक पुल से आवागमन करने को मजबूर हैं।”
