यवतमाल में आफत की बारिश, बिजली गिरने से 4 लोगों की हुई थी मौत, सरकार ने किया 4-4 लाख के मुआवजे का एलान
Yavatmal News: यवतमाल में बेमौसम बारिश व बिजली गिरने से 4 लोगों की मौत हुई। शासन ने पीड़ितों को 4 लाख रुपये का मुआवजा मंजूर किया और 108 क्षतिग्रस्त मकानों का आकलन शुरू किया। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
- Written By: केतकी मोडक
मृत्यु प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मीडिया)
Yavatmal Lightning Strike Deaths: जून माह में देर से सक्रिय हुए मानसून के साथ हुई बेमौसम बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली ने यवतमाल जिले में जान-माल का व्यापक नुकसान किया। प्राकृतिक आपदाओं के कारण जिले में चार लोगों की मौत हुई, जबकि कई मवेशी मारे गए और सैकड़ों मकानों तथा कृषि भूमि को भी नुकसान पहुंचा। मृतकों के परिजनों को शासन की ओर से आर्थिक सहायता मंजूर की गई है।
राजस्व विभाग की मासिक रिपोर्ट के अनुसार, वणी, कलंब और उमरखेड़ तहसीलों में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में चार लोगों की मौत हुई। वणी तहसील के टाकली गांव में 6 जून को विलास मानकू तुमराम (55) की बिजली गिरने से मृत्यु हो गई। इसके बाद 23 जून को कलंब तहसील में भीमराव काटकर और निखिल भोयर तथा उमरखेड़ तहसील के महेश गणेश आडे की भी आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई। चारों मृतकों के परिजनों को मुआवजे के रूप में चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।
मानवीय क्षति के अलावा पशुधन को भी नुकसान पहुंचा। वणी तहसील में एक बड़ा पशु, 11 छोटे पशु तथा एक बोझा ढोने वाला बड़ा पशु मारा गया। केलापुर में एक बड़ा पशु और एक बैल की मृत्यु दर्ज की गई। इसके अलावा दिग्रस में एक, उमरखेड़ में दो तथा महागांव में एक पशु की मौत हुई। कुल छह बड़े पशुधन की मौत दर्ज की गई है। इनमें से तीन पशुओं के लिए मुआवजा दिया जा चुका है, जबकि तीन बड़े और 11 छोटे पशुओं के लिए सहायता प्रक्रिया जारी है।
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हालांकि जून माह में जिले में कहीं भी बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। किसी गांव या परिवार को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की आवश्यकता नहीं पड़ी। राहत शिविर खोलने की भी जरूरत नहीं पड़ी तथा बाढ़ के कारण किसी के लापता होने, घायल होने या मृत्यु की कोई घटना दर्ज नहीं हुई, जिसे प्रशासन ने राहत की बात माना है।
108 मकानों को नुकसान
जून में हुई बारिश और तेज हवाओं से यवतमाल जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मकानों और गोठों (पशुशालाओं) को भी नुकसान पहुंचा। वणी तहसील में तीन पक्के मकान क्षतिग्रस्त हुए, जबकि 35 कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा। घाटंजी में तीन पक्के और 15 कच्चे मकान प्रभावित हुए। इसके अलावा आर्णी, झरी जामणी, दारव्हा, नेर, पुसद में 23 घरों को क्षति पहुंची। जिले में कुल 108 मकान क्षतिग्रस्त हुए।
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28 हेक्टेयर कृषि भूमि और फसलें बुरी तरह प्रभावित
जून महीने में जिले में औसतन 134.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई। वर्षा का वितरण असमान रहा। कहीं बहुत कम बारिश हुई तो कहीं अतिवृष्टि दर्ज की गई। भारी बारिश के कारण लगभग 28 हेक्टेयर कृषि भूमि और फसलें प्रभावित हुईं। दारव्हा तहसील में 14 हेक्टेयर कृषि भूमि बह गई, जबकि दारव्हा में 7.50 हेक्टेयर और महागांव में 7 हेक्टेयर क्षेत्र की फसलों को नुकसान पहुंचा। प्रशासन ने प्रभावित किसानों के नुकसान का आकलन कर सहायता प्रक्रिया शुरू कर दी है।
