स्वतंत्र विदर्भ के लिए फिर सुलग उठी मांग, आंदोलनकारियों ने जलाई नागपुर करार की होली; यवतमाल में प्रदर्शन

Yavatmal Vidarbha State Demand Protest: स्वतंत्र विदर्भ राज्य की मांग को लेकर यवतमाल में विदर्भ राज्य आंदोलन समिति ने नागपुर करार की प्रतीकात्मक होली जलाई। रालेगांव में भी प्रदर्शन हुआ।
Yavatmal Protest Separate Vidarbha State Demand
यवतमाल में नागपुर करार की जली होली, स्वतंत्र विदर्भ राज्य की मांगसोर्स: सोशल मीडिया
Published on: 
Updated on: 

Yavatmal Protest Separate Vidarbha State Demand: स्वतंत्र विदर्भ राज्य की मांग को लेकर विदर्भ राज्य आंदोलन समिति ने यवतमाल के संविधान चौक पर नागपुर करार की प्रतीकात्मक होली जलाई। समिति ने करार से जुड़े आर्थिक प्रावधान, रोजगार और क्षेत्रीय विकास से संबंधित आश्वासनों के क्रियान्वयन पर सवाल उठाए।

संविधान चौक पर नागपुर करार की होली

स्वतंत्र विदर्भ राज्य की मांग को लेकर विदर्भ राज्य आंदोलन समिति की ओर से सोमवार को यवतमाल के संविधान चौक पर नागपुर करार की प्रतीकात्मक होली जलाई गई। आंदोलनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार से स्वतंत्र विदर्भ राज्य की मांग पर ध्यान देने की अपील की।

समिति का कहना है कि 28 सितंबर 1953 को हुए नागपुर करार में विदर्भ के लिए क्षेत्रीय विकास, निधि के आवंटन और सरकारी रोजगार सहित विभिन्न विषयों को लेकर प्रावधान किए गए थे। महाराष्ट्र सरकार के एक आधिकारिक दस्तावेज में भी नागपुर करार के तहत तीन क्षेत्रों के लिए निधि आवंटन तथा शिक्षा और सरकारी सेवाओं में संरक्षण से जुड़े प्रावधानों का उल्लेख है।

Yavatmal Protest Separate Vidarbha State Demand
नागपुर में फसल नुकसान का पंचनामा 7 दिनों में पूरा करने का अल्टीमेटम, DM बोले- कोई किसान न छूटे

समिति ने उठाए आर्थिक विकास के मुद्दे

आंदोलन समिति के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि नागपुर करार में विदर्भ के विकास से संबंधित जिन आश्वासनों की बात की गई थी, उनकी अपेक्षित पूर्ति नहीं हुई है। समिति ने आर्थिक प्रावधानों के साथ रोजगार, विभिन्न महामंडलों, न्यायपालिका और मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व जैसे मुद्दों को भी आंदोलन से जोड़ा।

स्वतंत्र विदर्भ की मांग को लेकर समिति लंबे समय से आंदोलन करती आ रही है। इस वर्ष समिति ने 28 सितंबर को विदर्भ के विभिन्न जिलों और तहसीलों में नागपुर करार की प्रतीकात्मक होली जलाने का कार्यक्रम घोषित किया था।

Yavatmal Protest Separate Vidarbha State Demand
गांव बिकाऊ है... के पोस्टर से छलका सोलापुर के तुलशी गांव का दर्द, 25 साल से सिंचाई का इंतजार

रालेगांव में भी हुआ प्रदर्शन

रालेगांव में भी समिति की ओर से कात्री चौक पर नागपुर करार की होली जलाकर प्रदर्शन किया गया। यहां आंदोलनकारियों ने विदर्भ के विकास, किसानों की समस्याओं, बेरोजगारी और क्षेत्रीय अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए।

कार्यक्रम में जिला समन्वयक राजेंद्र झोटिंग, तहसील अध्यक्ष संपाल भोयर, अक्षय महाजन, गजानन राकी, बकन खाकरे, सुरेश आमटा, नरेश तुके सहित समिति के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

यवतमाल में पदाधिकारी रहे उपस्थित

यवतमाल शहर के कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष कृष्णराव भोंगाडे, प्रा. हेमंत मुदलियार, गोविंद चव्हाण, डॉ. दिलीप घावडे, विजय निवल, प्रल्हाद भगत, प्रेमाताई पत्रिवार, सोनाली मरगडे, दिलीपसिंह गौतम और बबनराव चौधरी सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

नागपुर करार 28 सितंबर 1953 को हुआ था। बाद में इसके कुछ प्रावधानों को संवैधानिक संदर्भ मिला और अनुच्छेद 371(2) के तहत क्षेत्रीय विकास बोर्डों से संबंधित व्यवस्था की गई।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com