पगडंडी मार्ग के लिए किसानों का अनशन जारी, मारेगांव तहसील कार्यालय के पास 15वें दिन भी धरना
Yavatmal Road Encroachment: मारेगांव में पगडंडी मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग को लेकर किसानों का आमरण अनशन 15 दिनों से जारी है। लगातार बारिश के बीच भी आंदोलनकारी अपनी मांग पर अड़े हुए हैं।
- Written By: केतकी मोडक
आंदोलन प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मीडिया)
Yavatmal Farmers Hunger Strike: यवतमाल जिले के मारेगांव तहसील कार्यालय के समीप पिछले 15 दिनों से पगडंडी मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग को लेकर किसानों का आमरण अन्नत्याग आंदोलन जारी है। इस आंदोलन में किसान संदीप उमरे के साथ पिछले 3 दिनों से रूपाली रोगे एवं शालू ताई जीवतोड़े नामक दो महिला किसानों ने भी सहभाग लिया है।
लगातार हो रही बारिश के बीच अनशनकारियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अनशनकारियों का आरोप है कि मारेगांव राजस्व विभाग की धीमी कार्यप्रणाली और उदासीन रवैये के कारण उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। बारिश के दौरान अनशन पंडाल में बैठना किसानों के लिए बेहद मुश्किल साबित हो रहा है, फिर भी वे अपनी मांगों पर डटे हुए हैं।
सूत्रों के अनुसार, संबंधित पगडंडी मार्ग पर एक राजनीतिक नेता के रिश्तेदार द्वारा अतिक्रमण किए जाने की चर्चा है। इसी कारण राजनीतिक दबाव के चलते राजस्व विभाग कार्रवाई करने से बच रहा है।
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किसानों का आरोप है कि प्रशासन दबाव में आकर मामले को लंबित रख रहा है, जिससे आंदोलनरत किसानों और महिला किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक पगडंडी मार्ग को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
तहसील प्रशासन संवेदनहीन
यवतमाल वंचित बहुजन आघाडी, जिला उपाध्यक्ष राजू निमसटकर ने कहा है कि “महिलाओं को अपनी मांगों के लिए लगातार 15 दिनों तक अन्नत्याग आंदोलन करना पड़ रहा है। इसे लेकर आंदोलनकारियों ने तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि यदि शासन की नीति स्पष्ट होने के बावजूद महिलाओं को इतने लंबे समय तक भूख हड़ताल पर बैठना पड़े, तो यह तहसील प्रशासन की संवेदनहीनता और घोर लापरवाही को दर्शाता है।”
खेत के रास्ते से अतिक्रमण को हटाकर न्याय देना चाहिए
वणी विधानसभा के पूर्व विधायक संजीवरेड्डी बोदकुरवार ने कहा है कि “उन्होंने अनशन मंडप को भेंट दी थी, उसी समय तहसीलदार से चर्चा हुई थी कि 30 जून को भूमि अभिलेख विभाग द्वारा नापजोख (मापन) किया जाएगा। अब इसे टालकर 2 जुलाई को नापजोख रखना यानी अनशनकर्ताओं को परेशान करने जैसा है। खड़की-घोड़दरा ग्राम को जोड़ने वाला यह 33 फीट का पगडंडी मार्ग है; अतः इस मार्ग से तुरंत अतिक्रमण हटाकर अनशनकर्ता किसानों को न्याय देना चाहिए।”
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2 जुलाई को टीम करेगी जमीन का नापजोख
मारेगांव तहसील के तहसीलदार उत्तम नीलावाड़ ने कहा है कि “वरिष्ठ अधिकारियों के पत्राचार के अनुसार, आगामी 2 जुलाई को राजस्व टीम एवं भूमि अभिलेख की संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर नापजोख करने वाली है। संबंधित किसानों को मंगलवार को ही नोटिस देकर मौके पर उपस्थित रहने के आदेश दे दिए गए हैं। यदि नापजोख में अतिक्रमण दिखाई देता है, तो अनशनकर्ताओं के लिए मार्ग तुरंत खुला करा दिया जाएगा।”
