मारेगांव में विधायक का महावितरण जनता दरबार रहा फ्लॉप! आम नागरिकों से ज्यादा दिखी कार्यकर्ताओं की भीड़

MSEDCL Janata Darbar: मारेगांव में बिजली समस्याओं को सुलझाने के लिए विधायक संजय देरकर की पहल पर आयोजित महावितरण 'जनता दरबार' प्रचार-प्रसार के अभाव में फ्लॉप साबित हुआ।
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महावितरण जनता दरबार (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Maregaon Electricity Issues: मारेगांव तहसील में आए दिन बिजली गुल होने की समस्या को लेकर विधायक संजय देरकर की पहल पर गुरुवार को मारेगांव महावितरण कार्यालय में जनता दरबार आयोजित किया गया। हालांकि, जनता दरबार में तहसील के नागरिकों की अपेक्षित उपस्थिति दिखाई नहीं देने से यह आयोजन चर्चा का विषय बन गया है। उपस्थित लोगों में विधायक के कार्यकर्ताओं की संख्या अधिक और आम नागरिकों की संख्या कम होने की चर्चा भी परिसर में सुनाई दी।

जनजागृति के अभाव पर उठे सवाल

बताया जा रहा है कि जनता दरबार के आयोजन की व्यापक स्तर पर जनजागृति नहीं किए जाने के कारण अधिकांश नागरिकों को इसकी जानकारी ही नहीं मिल सकी। ऐसे में जनता की समस्याएं सीधे सुनने के उद्देश्य से आयोजित किए गए इस उपक्रम में नागरिकों की कम उपस्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

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सोलर कृषि पंप का मुद्दा भी उठा

महावितरण से संबंधित जानकारी के अनुसार, सोलर कृषि पंप योजना के तहत मारेगांव तहसील के 28 किसानों के आवेदन मंजूर होने के बावजूद संबंधित ठेकेदार द्वारा अब तक सोलर कृषि पंप स्थापित नहीं किए जाने का मुद्दा जनता दरबार में कुछ किसानों ने उठाया। किसानों की समस्या सुनने के बाद विधायक संजय देरकर ने संबंधित ठेकेदार के खिलाफ फौजदारी कार्रवाई करने का आश्वासन दिए जाने की जानकारी सामने आई है।

जनजागृति क्यों नहीं की गई?

बिजली से जुड़ी समस्याओं को लेकर आयोजित जनता दरबार में यदि अधिक से अधिक नागरिकों को अपनी शिकायतें रखने का अवसर मिलना था, तो इसकी पूर्व सूचना और व्यापक जनजागृति करना आवश्यक था। लेकिन नागरिकों तक कार्यक्रम की जानकारी पर्याप्त रूप से नहीं पहुंचने के कारण उपस्थिति कम रही, ऐसी चर्चा है। अब सवाल उठ रहा है कि जनता दरबार की जानकारी नागरिकों तक पहुंचाने के लिए व्यापक जनजागृति क्यों नहीं की गई?

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