

Forest Officers Attacked Wardha: वर्धा जिले के आष्टी-शहीद के तलेगांव क्षेत्र से अवैध रूप से पेड़ों की कटाई कर लकड़ी का परिवहन किए जाने की सूचना पर कार्रवाई के लिए पहुंचे वन विभाग की टीम से गाली-गलौज और धमकी देने का मामला सामने आया है। इतना ही नहीं, जब्त किए गए लकड़ी से भरे ट्रक को कार्यालय ले जाते समय रास्ते में रोककर उस पर पेट्रोल डालकर आग लगाने का आरोप भी शिकायत में लगाया गया है।
इस मामले में तलेगांव पुलिस ने वन विभाग के अधिकारी की शिकायत पर सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वन विभाग को मिली गोपनीय सूचना के अनुसार, वर्धमनेरी क्षेत्र में नायरा पेट्रोल पंप से करीब 100 मीटर दूर नहर के रास्ते तलेगांव से आर्वी की ओर अवैध लकड़ी लेकर एक ट्रक जाने वाला था। सूचना के आधार पर वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंचे।
16 सितंबर को दोपहर करीब 12.45 बजे एमएच 04 यूएल 7952 क्रमांक का ट्रक संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिया। वन पथक ने ट्रक की जांच की तो उसमें विभिन्न प्रजातियों की लकड़ी भरी मिली। वनकर्मियों ने चालक से लकड़ी परिवहन का परमिट और आवश्यक दस्तावेज मांगे। जांच में आवश्यक अनुमति और दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने पर वन विभाग ने ट्रक को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की।
ट्रक को कब्जे में लेने की कार्रवाई के दौरान संबंधित लोगों ने वन अधिकारियों से विवाद करते हुए विरोध किया। शिकायत के अनुसार, इस दौरान वनकर्मियों से गाली-गलौज की गई तथा सरकारी ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों को धमकाया गया। वन पथक किसी तरह ट्रक को आगे की कार्रवाई के लिए तलेगांव कार्यालय ले जा रहा था।
इसी दौरान आरोपियों ने ट्रक को बीच रास्ते में रोककर उस पर पेट्रोल डालकर आग लगाने का प्रयास किए जाने की शिकायत में जानकारी दी गई है। तलेगांव के वनपरिक्षेत्र अधिकारी अजय बाबराव लांबाडे (54) ने 16 सितंबर को तलेगांव पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुल्कसिंग भगतसिंग बावरी, अखालसिंग बावरी, जसबीरसिंग मुल्कसिंग बावरी, रोहितसिंग मुल्कसिंग बावरी, कुलदीपसिंग अखालसिंग बावरी, सुमितसिंग मुल्कसिंग बावरी और लकिसिंग वतनसिंग टाक, सभी निवासी शिवखेड़ा, काकड़दरा, तलेगांव, तहसील आष्टी, जिला वर्धा के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने विविध धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच तलेगांव थाने के प्रभारी अधिकारी मंगेश भोयर कर रहे हैं। पुलिस और वन विभाग द्वारा लकड़ी के स्रोत, पेड़ों की कटाई की अनुमति, परिवहन संबंधी दस्तावेज तथा वन विभाग की कार्रवाई का विरोध किए जाने के कारणों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।