महाराष्ट्र में हर दिन गटक रहे 32 लाख लीटर शराब! देशी को पछाड़कर 'बीयर' बनी नंबर 1, जानें कौन सा जिला सबसे आगे

Alcohol Sale In Maharashtra: महाराष्ट्र में शराब की बिक्री ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। साल भर में 22,492 करोड़ रुपए की शराब बिकी, जिसमें बीयर सबसे लोकप्रिय रही। जानिए कौन सा जिला टॉप पर है।
Maharashtra Liquor Sales
कॉन्सेप्ट फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Maharashtra Liquor Sales: महाराष्ट्र में मद्यप्रेमियों ने शराब के सेवन में पिछले सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। हाल ही में सामने आए राज्य उत्पादन शुल्क विभाग के आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र में अब हर दिन औसतन 32 लाख लीटर शराब की खपत हो रही है। RTI (सूचना के अधिकार) के तहत सामाजिक कार्यकर्ता अभय कोलारकर द्वारा प्राप्त जानकारी से पता चला है कि 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2025 के बीच राज्य में कुल 117.13 करोड़ लीटर शराब की बिक्री हुई है।

बीयर की लोकप्रियता में जबरदस्त उछाल

इस साल के आंकड़ों में सबसे चौंकाने वाला बदलाव यह है कि अब मद्यप्रेमी देसी शराब के मुकाबले बीयर को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, 43.39 करोड़ लीटर बीयर की बिक्री के साथ इसने पहला स्थान हासिल किया है। वहीं, देसी शराब 42.02 करोड़ लीटर की बिक्री के साथ दूसरे स्थान पर रही। इसके अलावा, भारत में निर्मित विदेशी शराब (IMFL) की 30.33 करोड़ लीटर और वाइन की 1.38 करोड़ लीटर बिक्री दर्ज की गई है।

श्रेणीवार शराब बिक्री (2025-26)

श्रेणी बिक्री (करोड़ लीटर) स्थान
बीयर 43.39 पहला
देसी शराब 42.02 दूसरा
IMFL (विदेशी शराब) 30.33 तीसरा
वाइन 1.38 चौथा

राजस्व में 16.8% की भारी वृद्धि

शराब की इस रिकॉर्ड तोड़ बिक्री से महाराष्ट्र सरकार की तिजोरी भी भर गई है। 1 अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 के बीच राज्य को शराब की बिक्री से 22,492 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। यह पिछले वर्ष की इसी अवधि में 19,256 करोड़ रुपए की तुलना में 16.8% अधिक है।

अवधि राजस्व (करोड़ रुपए में) पिछले वर्ष की तुलना वृद्धि
1 अप्रैल 2025 – 31 जनवरी 2026 22,492 19,256 16.8% वृद्धि

ठाणे और सोलापुर ने मारी बाजी

क्षेत्रीय स्तर पर देखें तो ठाणे विभाग राजस्व और बिक्री दोनों में अव्वल रहा है। दिसंबर 2025 के अकेले महीने में ठाणे विभाग (जिसमें मुंबई भी शामिल है) से सरकार को 533.20 करोड़ रुपए का राजस्व मिला। प्रतिशत के हिसाब से देखें तो सोलापुर जिले ने 44% की वृद्धि के साथ राज्य में सबसे तेज बढ़त दर्ज की है। वहीं ठाणे में 41.83% और पालघर में 21.8% की वृद्धि देखी गई। इसके विपरीत, नांदेड़ विभाग में सबसे कम बिक्री दर्ज की गई, जहाँ से केवल ₹64.52 करोड़ का राजस्व मिला।

क्षेत्र / जिला विशेष उपलब्धि / राजस्व वृद्धि
ठाणे विभाग (मुंबई सहित) दिसंबर 2025 में ₹533.20 करोड़ 41.83%
सोलापुर सबसे तेज वृद्धि 44%
पालघर अच्छी वृद्धि 21.8%
नांदेड़ सबसे कम राजस्व ₹64.52 करोड़

एक तरफ जहां शराब की बिक्री बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ वर्धा और गड़चिरोली जैसे जिलों में इसका विरोध भी हो रहा है। गड़चिरोली में शराबबंदी लागू होने के बावजूद चामोर्शी में एक नए मद्य निर्माण प्रोजेक्ट का प्रस्ताव है, जिसका पर्यावरणविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा कड़ा विरोध किया जा रहा है।

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