Yavatmal Electricity Crisis News (फोटो- सोशल मीडिया)
Mahagaon Electricity Crisis: महागांव गुंज सबस्टेशन से एजी पंपों को मिलने वाली सिंगल फेज बिजली आपूर्ति 15 मार्च से बंद कर दी गई है, जिससे क्षेत्र के किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अधीक्षक अभियंता के आदेश पर यह आपूर्ति बंद की गई है। इसके चलते गुंज से धनोडा और पोहंडूल फीडर पर सिंगल फेज लाइन से बिजली नहीं मिल रही है, जिससे पूरे क्षेत्र का किसान वर्ग प्रभावित हुआ है।
रात के समय एजी पंप की सिंगल फेज लाइन पर कई छोटे व्यवसाय भी निर्भर हैं, जिनमें होटल, दुकानें, मोटरसाइकिल मरम्मत केंद्र, हेयर सैलून और कपड़े की दुकानें शामिल हैं। रात में बिजली आपूर्ति बंद होने से इन व्यवसायों पर भी असर पड़ रहा है। साथ ही अंधेरे के कारण चोरी की घटनाएं बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि अंधेरे का फायदा उठाकर जंगली जानवरों के खेतों में आने और किसानों पर हमले का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए लोगों ने मांग की है कि एजी पंपों की रात की बिजली आपूर्ति पहले की तरह शुरू की जाए। बताया जा रहा है कि कई लाइनमैन पुसद से आना-जाना करते हैं और मुख्यालय में नहीं रहते। ऐसे में शिरपुर गांव में बिजली आपूर्ति बंद होने पर धनोडा से लेकर पोहंडूल तक पूरे क्षेत्र की बिजली ठप हो जाती है।
पिछले दो वर्षों से उपकार्यकारी अभियंता का पद भी प्रभार में चल रहा है, होने की जिससे विभागीय कामकाज प्रभावित बात सामने आ रही है। 13 मार्च शुक्रवार से गुंज सबस्टेशन से एजी पंप की बिजली आपूर्ति बंद होने के कारण, खासकर गर्मी के मौसम की शुरुआत में किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जहां बिजली बिल वसूली के लिए अधिकारी और कर्मचारी लगातार प्रयास कर रहे हैं, वहीं किसानों को नियमित बिजली क्यों नहीं दी जा रही। ग्रामीणों और किसानों ने मांग की है कि बिजली वितरण कंपनी तुरंत आवश्यक कदम उठाकर एजी पंपों की बिजली आपूर्ति नियमित रूप से शुरू करे।
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खडका में सोलर प्लांट शुरू होने के बाद एजी पंपों को बिना रुकावट बिजली मिलनी चाहिए थी, लेकिन इसके विपरीत समस्याएं बढ़ गई है। पहले पुसद से गुंज सबस्टेशन तक सीधी लाइन थी, लेकिन सोलर प्लांट शुरू होने के बाद धनोडा, काली (दौ।) और सवना इन तीन फीडरों को सोलर प्लांट की लाइन से जोड़ा गया है, जिससे उन पर अधिक लोड पड़ रहा है। ज्येष्ठ कार्यकर्ता पंजाबराव खडकेकर ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति नियमित नहीं की गई, तो किसानों की ओर से आंदोलन किया जाएगा।