

Yavatmal Revenue Department: महागांव तहसील के ग्राम भोसा परिसर में ई-क्लास शासकीय जमीन से कथित तौर पर बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन कर लाखों ब्रास मुरूम निकाले जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। चौंकाने वाली बात यह है कि उत्खनन के लिए दूसरे के खेत की रॉयल्टी निकाली गई और वास्तविक रूप से ई-क्लास शासकीय जमीन से मुरूम निकालकर ले जाने का आरोप लगाया गया है।
इस मामले की तत्काल जांच कर मौके का पंचनामा करने की मांग जिलाधिकारी से की गई है।संबंधित मामले में प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं किए जाने पर महागांव तहसील में अवैध उत्खनन के खिलाफ अनशन करने की चेतावनी सामाजिक कार्यकर्ता किशोर राऊत ने दी है। भोसा में हुए कथित उत्खनन की मौके पर जांच कर पटवारी और मंडल अधिकारी के माध्यम से, आवश्यकता पड़ने पर निर्माण विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में संयुक्त पंचनामा किए जाने की मांग की गई है।
उत्खनन वाली जमीन की हद कायम कर वास्तव में किस क्षेत्र से कितना मुरूम निकाला गया, इसका माप लेने की मांग भी की गई है। यदि जांच में यह सामने आता है कि दूसरे खेत की रॉयल्टी दिखाकर ई-क्लास सरकारी जमीन से मुरूम निकाला गया, तो संबंधितों से शासन के नियमानुसार रॉयल्टी, जुर्माना और उत्खनन से हुए नुकसान की वसूली की जाए, ऐसी मांग की गई है।
ई-क्लास जमीन से बड़े पैमाने पर मुरूम निकाले जाने को दर्शाने वाले फोटो उपलब्ध होने का दावा शिकायतकर्ता की ओर से किया गया है। इसलिए केवल कागजों पर दर्ज रॉयल्टी की जांच करने के बजाय रॉयल्टी में दर्ज सर्वे नंबर और वास्तविक उत्खनन स्थल का मिलान करने की आवश्यकता जताई गई है।
भोसा के इस मामले में आखिर किस जमीन से कितना मुरूम निकाला गया? रॉयल्टी किस खेत की निकाली गई? वास्तविक उत्खनन किस जमीन पर हुआ? क्या इससे शासन के राजस्व का नुकसान हुआ? इन सभी सवालों का खुलासा अब राजस्व प्रशासन की जांच से होने की उम्मीद है। इस मामले की तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग किशोर राऊत ने की है।