कौन खा गया आदिवासी समाज का निधि? किनवट कार्यालय में ₹16.37 करोड़ के गबन का खुलासा

Kinwat 16 Crore Embezzlement Case: किनवट स्थित एकात्मिक आदिवासी विकास प्रकल्प कार्यालय में 16.37 करोड़ रुपए के गबन का पर्दाफाश हुआ है। वरिष्ठ क्लर्क पर सरकारी निधि ट्रांसफर करने का आरोप है।
kinwat tribal development office 16 crore scam senior clerk booked
किनवट आदिवासी विकास घोटाला एआय जनरेटेड फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Kinwat Tribal Development Office Scam: किनवट स्थित एकात्मिक आदिवासी विकास प्रकल्प अधिकारी कार्यालय के सरकारी कोष में 16 करोड़ 37 लाख 66 हजार 912 रुपए के गबन का मामला सामने आया है।

इस मामले में कार्यालय के वरिष्ठ क्लर्क भगवान उद्धवराव डावरे के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 280 सरकारी चेक बिना किसी आधिकारिक मंजूरी के भुनाए गए और यह राशि निजी व्यक्तियों, व्यापारियों और अन्य गैर-सरकारी संस्थाओं के खातों में स्थानांतरित कर दी गई।

वरिष्ठ क्लर्क के खिलाफ मामला दर्ज

इस मामले में चार सदस्यीय समिति गठित की गई और संबंधित केबिन सील हुआ है। शिकायत में कहा गया है कि यह धोखाधड़ी 1 अप्रैल 2024 और 16 सितंबर 2026 के बीच हुई। सरकारी निधियों, चेक रजिस्टरों और भारतीय मुद्रा भंडारों का दुरुपयोग किया गया। शिकायत में कहा गया है कि कथित तौर पर स्टेट बैंक खातों का दुरुपयोग करके सरकारी रिकॉडों के साथ छेड़छाड़ की गई, बिना किसी मंजूरी के म्यूचुअल क्लियरिंग के माध्यम से 280 चेक क्लियर किए गए।

280 फर्जी चेकों से 16.37 करोड़ की हेराफेरी

इसके बाद, जांच में पता चला कि यह राशि सरकारी कार्यों के लिए उपयोग किए जाने के बजाय निजी व्यक्तियों, व्यावसायिक दुकानों और अन्य गैर-सरकारी संस्थाओं के खातों में स्थानांतरित कर दी गई। जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि किए गए 280 लेन-देनों में से लगभग 13 करोड़ रुपए की राशि 57 लोगों के नाम पर निकाली गई थी।

IAS अफसर बी. सरवनन ने किया पर्दाफाश

इन सभी लेन-देनों के नाम और राशि को संबंधित खातों में कैसे स्थानांतरित किया गया, इसकी जानकारी प्रकल्प अधिकारी कार्यालय को प्राप्त हो चुकी। इस मामले में किसी और की संलिप्तता का पता लगाने के साथ-साथ बैंक स्तर पर किसी प्रकार की अनियमितता हुई है या नहीं, इसकी जांच चल रही है। कार्यालय में वित्तीय लेन-देन की ऑडिट के दौरान, कई संदिग्ध लेन-देन सामने आए।

57 खातों में ट्रांसफर की गई राशि

ऑडिट में 280 अनधिकृत लेन-देन पाए जाने के बाद, उनकी गहन जांच की गई। निधि के प्रवाह और संबंधित खातों के विवरण की पूरी तरह से छानबीन की गई, जिला कलेक्टर राहुल कर्डिले के मार्गदर्शन में प्रशासनिक प्रक्रिया को क्रियान्वित किया गया। प्रकल्प अधिकारी कार्यालय के प्रेमसिंह बाबूसिंह आड़े की शिकायत पर वरिष्ठ वलर्क भगवान डावरे के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

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अन्य लोगों के नाम सामने आने की संभावना

किनवट पुलिस स्टेशन में केस संख्या 256/2026 के तहत भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस निरीक्षक जगदीश मंडलवार मामले की आगे की जांच कर रहे हैं। संदेह है कि धोखाधड़ी का दायरा व्यापक है और जांच आगे बढ़ने के साथ-साथ इस मामले में अन्य लोगों के नाम सामने आने की संभावना है। नांदेड़ स्थानीय अपराध शाखा पुलिस द्वारा आगे की जांच की जाएगी। इंस्पेक्टर उदय खंडेराई मामले की जांच कर रहे है।

सहायक जिला कलेक्टर बी. सरवनन की सतर्कता से पर्दाफाश

भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी वी. सरवनन ने जून में एकात्मिक आदिवासी विकास प्रकल्प अधिकारी और उप-विभागीय मजिस्ट्रेट का पदभार ग्रहण करने के बाद कार्यालय के वितीय लेन-देन में पारदर्शिता, अनुशासन और जवाबदेही को प्राथमिकता दी।

मुख्य बैंक खाते और कार्यालय के अभिलेखों में लेन-देन की सटीकता की जांच करने के निर्देश दिए गए ताकि सरकारी निधियों के प्रत्येक लेन-देन की गहन जांच की जा सके, इस निर्देश के बाद, बैंक खाते में हुए लेन-देन का गहन सत्यापन किया गया। इससे कई संदिग्ध वित्तीय लेन-देन का खुलासा हुआ। आगे की जाच में 280 चेकों के लेन-देन और करोड़ों रुपए की धनराशि के कथित अनधिकृत गबन का मामला सामने आया।

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