तुफानी ओलावृष्टि से कोटंबा बना काश्मिर, फसलें बर्बाद
- Written By: नवभारत डेस्क
- कच्चे मकानों को नुकसान, टिन उडे, कवेलु फुटे,
यवतमाल. बाभुलगांव तहसील के कोटंबा में जिले में सर्वाधिक ओलावृष्टी हुई. 28 दिसंबर की दोपहर यहां पर निंबु के आकार से बडे ओलों की फसलों पर मार पडी.इस ओलावृष्टी के कारण तुअर की खडी फसलें बर्बाद हो गयी, जबकी चना और गेंहु समेत कपास की फसल बर्बाद हो गयी.
यहां पर खेतों की फसलों नुकसान के साथ ही सार्वजनिक संपत्ती को भी नुकसान पहूंचा, ओलावृष्टी के कारण कोटंबा में सोनाली धनंजय जायले के लक्ष्मी पोल्ट्री फार्म में ओलावृष्टी के कारण सैंकडों मुर्गीयां मृत हो गयी, जबकी अंडे के माल को काफी नुकसान पहूंचा, इसके अलावा तुफानी हवा और बारिश के दौरान यहां पर स्थित खाद के गोदाम के छत के टिन और शेड हवा में उड गए.
इस दौरान कोटंबा गांव और आसपास के क्षेत्र में तुफानी ओलावृष्टी ओर बारिश के कारण बिजली के पोल झुक गए. जबकी बिजली तार लटक जाने से ईलाके की बिजली गुल हो चुकी थी.ओलो की मार ईतनी जोरदार थी की, यहां पर अनेक कच्चे मकानों को नुकसान पहूंचा, घरों से टिन उड गए, जबकी घरों के कवेलु टूट गए.
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28 दिसंबर को हुई तुफानी ओलावृष्टी का कहर बरपने के बाद 29 दिसंबर की सुबह तक यहां पर निंबु और संतरे के आकार के ओलों के खेतों और गांव में ढेर जमे हुए थे.जिससे यहां पर काश्मीर जैसा नजारा दिख रहा था.इस प्राकृतिक संकट से ईलाके के किसानों को हुए नुकसान का पंचनामा कर तात्काल सरकारी मदद देने की मांग किसानों ने की है.इस प्राकृतिक आपदा के बाद स्थानिय प्रशासनिक यंत्रणा द्वारा नुकसान सर्वे का कार्य शुरु किया गया.
