Jalna Farmer Compensation Demand ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Jalna Farmer Compensation Demand: जालना जिले में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने आम नागरिकों के साथ ही किसानों की भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गुरुवार की शाम तेज हवाओं, गरज-चमक व ओलावृष्टि के साथ हुई बेमौसम वर्षा ने शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक व्यापक क्षति पहुंचाई।
करीब आधे से पौन घंटे तक चली बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया, प्रभावित किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि शीघ्र नुकसान का सर्वे कर उचित मुआवजा दिया जाए।
शहर में भी ओले गिरने से ईद का बाजार प्रभावित हुआ व खरीदारी कर रहे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। जिले के कई हिस्सों में बड़े आकार के ओले गिरने से खेतों में खड़ी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई कटाई के लिए तैयार गेहूं, ज्वार, चना, तूर, मक्का व प्याज बीज जैसी फसलें नुकसान की चपेट में आ गई।
यही नहीं, आम व अंगूर जैसे फलदार पेड़ों का भी भारी नुकसान हुआ है, कई जगहों पर फसलें खेतों में धराशायी हो गई। तहसील के नसड़गांव गांव में बिजली गिरने से किसान के बैल की मौत हो गई। घनसावंगी क्षेत्र के बोरगांव में भैंस को भी आकाशीय बिजली की चपेट में आने से जान गंवाने की नौबत आई।
शहर के अलावा राम नगर, परतूर, बदनापुर क्षेत्र के शेलगांव, दाभाड़ी, किन्होला, मेहुणा, देव पिंपलगांव, भोकरदन क्षेत्र के जलगांव सपकाल, मंठा क्षेत्र के तलणी व वझर सरकटे, अंबड़ क्षेत्र के वडीगोद्री में भी वर्षा व ओलावृष्टि से नुकसान की खबरें सामने आई हैं।
मक्का, गेहूं, चना, अरहर व सब्जियों की फसलें खेतों में गिरने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। मौसम में अचानक आए बदलाव को देखते हुए प्रशासन ने भी लोगों व किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
घनसावंगी क्षेत्र के बाणेगांव, रांजणी, कुंभार पिपलगांव, मासेगांव, बोरराजणी, वहालेगाव, ढाकेफल, रानीउचेगांव व मंगरूल जलगांव संग कई गांवों में वर्षा व ओलावृष्टि हुई तेज हवाओं के साथ गिरे ओलों ने खेतों में खड़ी ज्वार, गेहूं व चने की फसलों को गिरा दिया, आम के पेड़ों से बड़ी संख्या में कच्चे फल झड़ गए।
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चीकू, केला व मौसंबी की बागवानी को भी व्यापक नुकसान हुआ अचानक बदले मौसम को देखते हुए किसान फसल बचाने के लिए खेती की ओर दौड़े, पर तेज हवाओं व ओलावृष्टि के सामने उनकी कोशिशें नाकाम रहीं। इसका असर रबी सीजन की पैदावार पर संभव है।