

Yavatmal Agriculture Farmer Group League: यवतमाल जिला प्रशासन, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी तथा परियोजना संचालक आत्मा के संयुक्त तत्वावधान में जलवायु अनुकूल कृषि तकनीकों को अपनाने वाले किसान समूहों के लिए जिले में पहली बार अनोखी 'फार्मर ग्रुप लीग' (FGL) प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। यह प्रतियोगिता 10 जून से 10 अगस्त तक चलेगी, प्रतियोगिता में भाग लेने वाले किसान समूहों के लिए कार्यों के चार स्तर निर्धारित किए गए हैं। प्रत्येक स्तर में चार से पांच लघु गतिविधियां दी जाएंगी। इन्हें सफलतापूर्वक पूरा करने वाले समूहों को अंक प्रदान किए जाएंगे।
प्रतियोगिता के दौरान किए गए सभी कार्यों का वीडियो रिकॉर्डिंग, छायाचित्र और रजिस्टर संधारित करना प्रतिभागियों के लिए अनिवार्य रहेगा, चारों स्तर सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले विजेताओं का 15 अगस्त को प्रमाणपत्र देकर सम्मान किया जाएगा, साथ ही विजेताओं को अंतरराज्यीय, राज्यस्तरीय और जिलास्तरीय अध्ययन दौरे में शामिल होने का अवसर भी मिलेगा, प्रतियोगिता के लिए पंजीकरण 26 मई से 10 जून तक गूगल फॉर्म और गांव के सहायक कृषि अधिकारी के माध्यम से किया जा सकता है।
किसान समूह गूगल फॉर्म भरकर अपना पंजीकरण कर सकते हैं। प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार प्रत्येक गांव से कम से कम एक किसान समूह का सहभाग अनिवार्य रहेगा। प्रत्येक समूह में 10 से 20 सदस्य होना आवश्यक है। जिलाधिकारी विकास मीना ने कहा कि जिले के किसान प्रगतिशील हैं और नई तकनीकों का उपयोग कर खेती में सुधार कर रहे हैं। जिले में पहली बार 'यवतमाल फार्मर ग्रुप लीग' शुरू की जा रही है। इस माध्यम से आधुनिक कृषि तकनीक, कम लागत में फसल प्रबंधन और समूह खेती को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने अधिक से अधिक किसान समूहों से प्रतियोगिता में भाग लेने की अपील की है।
फार्मर ग्रुप लीग प्रतियोगिता में चार चरणी के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा, इसमें मृदा एवं बीज प्रबंधन, फसल पद्धति एवं कृषि तकनीक, जैविक इनपुट एवं कीट-रोग प्रबंधन, क्षमता निर्माण, प्रसार एवं तकनीकी उपयोग जैसे चार प्रमुख स्तर शामिल हैं। पहले चरण में मृदा एवं बीज प्रबंधन के अंतर्गत मिट्टी परीक्षण, बीज अंकुरण परीक्षण, बीज उपचार, गोबर खाद, वर्मी कम्पोस्ट तथा हरी खाद के लिए प्रति किसान एक-एक अंक दिए जाएंगे।
दूसरे चरण में फसल पद्धति एवं कृषि तकनीक के तहत बीबीएफ एवं टोकन यंत्र का उपयोग, ट्रैप कॉप तथा अंतरफसल पद्धति के लिए प्रति एकड़ एक-एक अंक निर्धारित किए गए हैं।
तीसरे चरण के पहले भाग में जैविक उत्पाद निर्माण के अंतर्गत वनस्पति आध्धारित कीटनाशक, जीवामृत और घनजीवामृत निर्माण के लिए एक अंक, जबकि बायोडायनामिक कम्पोस्ट तैयार करने पर दो अंक मिलेंगे, वहीं दूसरे भाग में कीट एवं रोग नियंत्रण के अंतर्गत हुमा इल्ली नियंत्रण अभियान, ट्रायकोकार्ड, फेरोमोन ट्रैप, चिपकने वाले ट्रैप और पक्षी बैठने की व्यवस्था जैसे उपायों के लिए एक-एक अंक दिए जाएंगे।
चौथा चरण सबरी महत्वपूर्ण माना गया है। इसमें कृषि प्रशिक्षण सहभागिता के लिए एक अंक, जलतारा खेत सोख गड्डा निर्माण के लिए दो अंक तथा खेत भ्रमण, कार्यशाला और गांव से बाहर मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित करने पर प्रति कार्यक्रम पांच अंक दिए जाएंगे।