

Eid Ul Azha Namaz In Yavatmal: दिग्रस शहर सहित पूरे तहसील क्षेत्र में आज ईद-उल-अजहा अर्थात बकरी ईद का पवित्र त्योहार बड़े उत्साह, धार्मिक आस्था और बेहद शांतिपूर्ण वातावरण में मनाया गया। दिग्रस-अर्णी रोड पर स्थित देरवाड़ा क्षेत्र में सुबह से ही मुस्लिम समाज के नागरिकों की भारी भीड़ देखने को मिली, जहां हजारों मुस्लिम भाइयों ने सामूहिक रूप से उपस्थित होकर ईद-उल-अजहा की विशेष नमाज अदा की। इस नमाज के दौरान पूरा परिसर आध्यात्मिक व धार्मिक वातावरण से सराबोर रहा और हर ओर आपसी भाईचारे तथा सामाजिक सौहार्द का संदेश प्रसारित हुआ।
इस मुबारक अवसर पर हाफिज सद्दाम ने ईद का पवित्र 'खुतबा' पढ़ते हुए उपस्थित मुस्लिम समाज को ईद-उल-अजहा के वास्तविक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अपने संबोधन में नमाज, कुर्बानी, परोपकार, त्याग, इंसानियत और आपसी भाईचारे का संदेश देते हुए समाज में एकता बनाए रखने की पुरजोर अपील की। इसके साथ ही, देश में सुख-समृद्धि, अमन-चैन, सामाजिक सौहार्द और सभी धर्मों के बीच आपसी प्रेम व भाईचारा सदैव बना रहे, इसके लिए सामूहिक रूप से विशेष दुआ भी मांगी गई।
ईद के इस पावन मौके पर शहर में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति सुदृढ़ बनाए रखने के लिए दिग्रस पुलिस प्रशासन की ओर से अत्यंत कड़ा बंदोबस्त किया गया था। आईपीएस अधिकारी तेजस सारडा के कुशल मार्गदर्शन में पुलिस विभाग ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था का उत्कृष्ट नियोजन किया। उन्होंने स्वयं संवेदनशील स्थलों और ईदगाह चौक पर उपस्थित रहकर सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया तथा मुस्लिम समाज के नागरिकों को ईद की आत्मीय शुभकामनाएं दीं। उनकी इस संवेदनशील कार्यशैली और सुदृढ़ व्यवस्थापन की स्थानीय नागरिकों द्वारा खुले दिल से सराहना की गई।
इस त्योहार के अवसर पर दिग्रस के प्रतिष्ठित नागरिक हाजी मुझफ्फर, हाजी अजीम खान व देरवाड़ा के सरपंच नितिन इंगोले, पुलिस पाटिल नाथूजी दत्ता चिकाळकर सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
इसके साथ ही, सामाजिक कार्यकर्ता राशिद बाबू शेख, वाजिद सलीम भाई शेख, जुबेर, शारिख शेख, अहद शेख, शाहिद अंसार, सुफियान, शोबान, सहजाद और पप्पू सहित अनेक समर्पित कार्यकर्ताओं ने संपूर्ण व्यवस्थापन को सफल और शांतिपूर्ण बनाने के लिए जमीन पर विशेष मेहनत की।