स्वीकृत सदस्यों को लेकर दिग्रस में राजनीतिक हलचल तेज, 12 जनवरी को चुना जाएगा उपाध्यक्ष
Approved Members: दिग्रस नगर परिषद में स्वीकृत सदस्यों के चयन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। 12 जनवरी को उपाध्यक्ष पद का चुनाव होने वाला है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Approved Members:दिग्रस नगर परिषद (सोर्सः सोशल मीडिया)
Digras Municipal Council: दिग्रस नगर परिषद में स्वीकृत (नामनिर्देशित) सदस्यों की संख्या और उनके चयन को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। नगर परिषद में कुल सदस्यों और नगराध्यक्ष पद के समीकरण को देखते हुए स्वीकृत सदस्यों की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है।
इसी कारण विभिन्न राजनीतिक दलों में गणित बिठाने की कवायद जोर पकड़ रही है। नगर परिषद में कुल सदस्यों की संख्या के अनुपात में स्वीकृत सदस्यों की संख्या तय की जाती है। गणितीय सूत्र के अनुसार:
यदि 16 गट (वार्ड) हों – 4 स्वीकृत सदस्य
- 17 गट- 5 सदस्य
- 18 गट -5 सदस्य
- 19 गट- 5 सदस्य
- 20 गट-6 सदस्य
- 21 गट – 6 सदस्य
- 22 गट -6 सदस्य
स्वीकृत सदस्यों की संख्या निर्धारित
इसी गणना के आधार पर नगर परिषद में स्वीकृत सदस्यों की संख्या निर्धारित की जाएगी। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार स्वीकृत सदस्यों में शिवसेना की मजबूत दावेदारी मानी जा रही है। संभावित नामों में संजय कुंकड़ी, राहुल शिंदे, दीपक कोठारी, तस्लीम पेडेवले, मतीन लाला और आदिल नगपुरे शामिल हैं। वहीं उबाठा की ओर से संभावित सदस्य अजिंक्य मात्रे, रवींद्र अरगड़े, विक्रम अटल मकसूद और संजीवनी कोल्से बताए जा रहे हैं।
सम्बंधित ख़बरें
दिग्रस पुलिस का प्रो-रेड अभियान, तीन गांवों में छापेमारी से अवैध धंधेबाजों में हड़कंप
मंगीफाटा में चोरों का आतंक: पेट्रोल पंप से 2 लाख नकद, 2 बाइक समेत 3.04 लाख का माल पार
यवतमाल में बाइक चोरी गिरोह का पर्दाफाश, दो आरोपी गिरफ्तार; 3 मोटरसाइकिल बरामद
Yavatmal MLC Election: मविआ को बड़ा झटका, कांग्रेस उम्मीदवार साहेबराव कांबले ने नामांकन वापस लिया
ये भी पढ़े: ठाणे MACT का बड़ा फैसला, टैक्सी चालक के परिवार को 5.57 लाख मुआवजा, बाइक मालिक पर लगाया जुर्माना
चुनाव परिणाम से स्थिति होगी स्पष्ट
इस बीच 12 जनवरी को उपाध्यक्ष पद का चुनाव होने जा रहा है। उपाध्यक्ष पद को लेकर भी राजनीतिक हलचल चरम पर है। शिवसेना शिंदे गुट की ओर से नूर मोहम्मद खान (हाजी गुलाब खान), डॉ. संजय बग और सचिन बांगिनवार के नाम चर्चा में हैं। उपाध्यक्ष पद के चुनाव के परिणाम से नगर परिषद में सत्ता संतुलन और भी स्पष्ट होने की संभावना है।
