Yavatmal: आंदोलनकारियों का आरोप, अब ‘फूट डालो-राज करो’ की कोशिशें!
यवतमाल जिले में पिछले 21 दिनों से स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल जारी है। लेकिन सोमवार को आंदोलन मंडप पर ये आरोप लगाया जा रहा है कि कुछ सीनियर ऑफिसर फूट डालो और राज करो की नीति अपना रहे हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल (सौ. सोशल मीडिया )
Yavatmal News In Hindi: पिछले 21 दिनों से अपने अधिकारों और मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों में फूट डालने की कोशिशें शुरू हो गई हैं।
सोमवार को आंदोलन मंडप में आरोप लगाया गया कि कुछ वरिष्ठ अधिकारी फूट डालो और राज करो की नीति अपनाकर इन संविदा कर्मचारियों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संविदा कर्मचारियों ने विभिन्न लंबित मांगों को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है। लेकिन सरकार और प्रशासन अभी तक उनकी ओर ध्यान देने को तैयार नहीं है। इसके विरोध में ये कर्मचारी पिछले 21 दिनों से जिला शल्य चिकित्सक कार्यालय के बाहर धरना दे रहे हैं। इस दौरान उन्होंने जिला अधिकारी कार्यालय तक मार्च निकाला और 5 सितंबर को थाली भी बजाई।
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कर्मचारी 21 दिनों से एकजुट होकर हडताल में जुटे हुए हैं, लेकिन अब प्रशासन गुटबाजी करने की कोशिश में जुट गया है। इसके लिए, कुछ आंदोलनकारी कर्मचारियों को अलग से संदेश दिए जा रहे हैं और उन्हें यह समझाने की कोशिश की जा रही है कि आंदोलन से कुछ हासिल नहीं होगा। लेकिन आंदोलन मंडप में एक प्रस्ताव पारित किया गया कि ऐसे गुमराह अधिकारियों से सावधान रहना होगा और एकजुटता बनाए रखनी होगी। सोमवार को जिला शल्य चिकित्सक कार्यालय के बाहर एक ज़ोरदार प्रदर्शन किया गया।
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आज की बैठक पर सबकी नज़रें
इस बीच स्वास्थ्य मंत्री ने संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की समस्याओं को समझने के लिए मंगलवार (9 सितंबर) को मुंबई में संगठन के राज्य पदाधिकारियों की एक बैठक बुलाई है। इसमें 10 साल से ज़्यादा संविदा सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को नियमित सेवा में शामिल करने समेत अन्य मांगों पर चर्चा होगी। इसी वजह से यवतमाल के आंदोलनकारियों की नज़रें इस बैठक पर टिकी हैं।
