47 नकली सरकारी विकलांगों पर होगी कार्रवाई, निलंबन की लटकी तलवार, CEO ने 7 दिन में मांगा जवाब
Verification of Disabled Government Employees: यवतमाल जिले में बोगस दिव्यांग प्रमाणपत्र दिखाकर नौकरी पाने वालों पर अब हथौड़ा चलने जा रहा है। सीईओ ने अब 7 दिन का अल्टीमेटम दे दिया हैं।
- Written By: प्रिया जैस
यवतमाल न्यूज
Yavatmal News: यवतमाल जिले में वर्षों से बोगस दिव्यांग प्रमाणपत्र का फायदा उठाकर लाखों रुपये कमाने वाले कर्मचारी अब तक ‘प्रशासनिक संबंधों’ के सहारे सुरक्षित रहे। लेकिन हाल ही में हुई जांच में ये फर्जी दिव्यांग कर्मचारी पकड़े गए। अब इन 47 कर्मचारियों को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ने ‘शो कॉज’ नोटिस जारी की है।
नोटिस में कहा गया है कि दिव्यांग प्रमाणपत्र प्रस्तुत न करने पर निलंबन कार्रवाई की जाएगी। केवल 7 दिनों में प्रमाणपत्र प्राप्त करना कठिन होने के कारण इन कर्मचारियों की नौकरी खतरे में मानी जा रही है। जिला परिषद के विभिन्न विभागों में कई कर्मचारियों ने फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र दिखाकर नौकरियां पक्की की थीं। यह समस्या वर्षों से रही, लेकिन इस पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
दिव्यांग कर्मचारियों की सत्यता की जांच
शासन के नियमों के अनुसार, दिव्यांगता के लिए ऑनलाइन प्रमाणपत्र और UID नंबर अनिवार्य हैं, फिर भी ये कर्मचारी केवल ऑफलाइन प्रमाणपत्र दिखाकर अधिकारियों को गुमराह करते रहे। इस बार राज्य के दिव्यांग कल्याण विभाग के सचिव IAS तुकाराम मुंडे की नियुक्ति के बाद बोगस दिव्यांग मामलों को गंभीरता से देखा गया। मुंडे ने पिछले महीने जिला परिषद को आदेश दिया कि सभी दिव्यांग कर्मचारियों की सत्यता की जांच की जाए।
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29 और 30 सितंबर को यह जांच आयोजित की गई। इसमें 400 से अधिक दिव्यांग कर्मचारी उपस्थित हुए, लेकिन कुछ ने उपस्थिति नहीं दर्ज कराई। 47 कर्मचारियों के पास ऑनलाइन प्रमाणपत्र और UID नंबर नहीं था। इन्हें सीईओ मंदार पत्की ने ‘शो कॉज’ नोटिस जारी की। नोटिस में कहा गया आपके पास ऑनलाइन प्रमाणपत्र नहीं है, इसका अर्थ है कि आपके पास मौजूद ऑफलाइन प्रमाणपत्र फर्जी है।
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अब इन कर्मचारियों को 7 दिनों के अंदर ऑनलाइन प्रमाणपत्र और UID नंबर प्राप्त कर स्पष्टीकरण देना होगा। इतनी जल्दी यह प्रक्रिया पूरी करना मुश्किल है, इसलिए उनकी नौकरी खतरे में मानी जा रही है। नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि निलंबन करके अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी। साथ ही अब तक फर्जी दिव्यांगता के आधार पर लिए गए लाभ भी वसूले जाएंगे।
झूठ बोलने वाले कर्मचारियों में ज्यादातर शिक्षक
मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा नोटिस जारी किए गए 47 बोगस दिव्यांग कर्मचारियों में अधिकतर शिक्षक हैं। उन्होंने जांच के दौरान अल्पदृष्टि, कर्णबधिर और अस्थिव्यंग के फर्जी ऑफलाइन प्रमाणपत्र पेश किए। विशेष रूप से इन 47 कर्मचारियों की सूची में यवतमाल पंचायत समिति का प्रभारी एक ‘साहेब’ भी शामिल है।
यह सूची अन्य कर्मचारियों में तेजी से वायरल हो रही है और ‘साहेब’ का नाम हाइलाइट किया जा रहा है। दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों का उल्लंघन कर कई कर्मचारी जिला परिषद में नौकरी पक्की कर चुके हैं। उन्होंने पदोन्नति, आयकर में छूट और अतिरिक्त भत्ते भी प्राप्त किए। इन सभी के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश IAS तुकाराम मुंडे ने दिए हैं।
