यवतमाल के महागांव में 120 बोरी जैविक नकली खाद सील, कृषि विभाग की कार्रवाई

यवतमाल के महागांव में प्रभुदेव कृषि केंद्र से बेची जा रही जैविक खाद के थोक घनत्व में अंतर के कारण नकली खाद बेचने वाली महागांव की स्वराज एग्रो एजेंसी का लाइसेंस निलंबित कर जैविक खाद की 120 बैग सील की गई।कृषि अधिकारी आर. वी. मालोदे, जिला गुणवत्ता नियंत्रण अधिकारी कल्याण पाटिल और महागव पी. एस. कृषि अधिकारी (अतिरिक्त प्रभार) संदीप राठौड़ ने शुक्रवार 30 अगस्त को दोपहर 12 बजे यह कार्रवाई की।
fake organic fertilizer seized in Mahagaon, Yavatmal
जैविक नकली खाद सील
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महागांव. यवतमाल के महागांव में प्रभुदेव कृषि केंद्र से बेची जा रही जैविक खाद के थोक घनत्व में अंतर के कारण नकली खाद बेचने वाली महागांव की स्वराज एग्रो एजेंसी का लाइसेंस निलंबित कर जैविक खाद की 120 बैग सील की गई। कृषि अधिकारी आर. वी. मालोदे, जिला गुणवत्ता नियंत्रण अधिकारी कल्याण पाटिल और महागव पी. एस. कृषि अधिकारी (अतिरिक्त प्रभार) संदीप राठौड़ ने शुक्रवार 30 अगस्त को दोपहर 12 बजे यह कार्रवाई की।

जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से महागांव स्थित कृषि केंद्र के संचालक के होश उड़ गये हैं। महागांव में स्वराज एग्रो एजेंसी के उर्वरक बिल में गड़बड़ी मिलने पर कृषि केंद्र का लाइसेंस 60 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया। दो दिन पहले हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद भी लगता है कि महंगाई के कारण खाद की कालाबाजारी जारी है।

प्रयोगशाला की रिपोर्ट में प्रभुदेव कृषि केंद्र से बेची जा रही जैविक खाद का थोक घनत्व निर्धारित सीमा के भीतर नहीं होने की पुष्टि होने पर आज इस जैविक खाद के 120 बैग को तत्काल सील कर दिया गया। कृषि अधिकारी ने प्रभुदेव कृषि केंद्र के निदेशक वैशाली आशीष टैगलपल्लेवार को इन संदिग्ध जैविक उर्वरकों की बिक्री रोकने का आदेश दिया है। यह संदिग्ध जैविक उर्वरक क्रिएजेन एग्री एंड बायोटेक, बीजापुर, कर्नाटक द्वारा प्रभुदेव कृषि केंद्र में बिक्री के लिए लाया गया है। इस जैविक खाद में घटकों की सांद्रता निर्धारित मात्रा से कम पाई गई। प्रयोगशाला विशेषज्ञ ने बताया कि कार्बनिक कार्बन, नाइट्रोजन, फॉस्फेट और पोटाश की मात्रा पर्याप्त नहीं थी।

क्रिएजेन बायोटेक और प्रभुदेव कृषि केंद्र को कारण बताओ

कृषि अधिकारी मालोदे ने संदिग्ध जैविक खाद बनाने वाली क्रिएजेन एग्री एंड बायोटेक कंपनी के साथ ही इस खाद को बेचने वाले प्रभुदेव कृषि केंद्र को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस दिया गया है कि थोक घनत्व में भिन्नता पाए जाने पर उर्वरक बेचने वालों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 7 के प्रावधान खंड 19 एफसीओ 1985 के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। इस मामले में कंपनी और कृषि केंद्र को दस दिन के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं।

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