एक कॉल, तुरंत मदद! यवतमाल की 108 Ambulance ने बचाई 2.77 लाख जिंदगियां
जब भी किसी प्रकार की Medical Help की जरूरत होती है, तो सबसे पहले 108 डायल कर एम्बुलेंस को बुलाया जाता है। यवतमाल में Ambulance की मदद से 2 लाख से ज्यादा लोगों की जान बची।
- Written By: अपूर्वा नायक
एम्बुलेंस सर्विस (सौ. सोशल मीडिया )
Yavatmal News In Hindi: दुर्घटना हो या कोई अन्य मरीज, 108 निःशुल्क एम्बुलेंस संकट के समय सचमुच जीवन रक्षक साबित हो रही है। जिले में इस एम्बुलेंस ने 2 लाख 77 हज़ार 812 लोगों की जान समय रहते बचाई है।
‘डायल 108’ एम्बुलेंस सेवा आपातकालीन चिकित्सा स्थितियों में बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई है। लोक स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह सेवा पूरी तरह निःशुल्क प्रदान की जाती है। इस सेवा को अब 10 साल पूरे हो गए हैं। इस दौरान राज्य भर में 1 करोड़ 10 लाख 81 हज़ार 303 लोगों की मदद की गई है और अकेले यवतमाल जिले में 2 लाख 77 हज़ार 812 लोगों की मदद की गई है।
अगर कोई बीमार है या उसका एक्सीडेंट हुआ है, तो यह एम्बुलेंस तत्काल सेवा के लिए तैयार है। आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ‘108’ एक टोल-फ्री नंबर है। एम्बुलेंस डायल करते ही मौके पर पहुँच जाती है। इस एम्बुलेंस में पल्स ऑक्सीमीटर, मेडिकल ऑक्सीजन सिस्टम जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। यह 24 घंटे डॉक्टर और ज़रूरी चिकित्सा उपकरणों से लैस है। इस वजह से अस्पताल पहुँचने वाले मरीज़ के बचने की संभावना ज़्यादा होती है। वर्तमान में राज्य में कुल 937 एम्बुलेंस कार्यरत हैं।
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वहीं, यवतमाल ज़िले में 23 एम्बुलेंस निःशुल्क सेवा प्रदान कर रही हैं। इनमें 5 एडवांस लाइफ सपोर्ट और 18 बेसिक लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस हैं। आधुनिक उपकरणों से पूरी तरह सुसज्जित, ये वाहन मरीज़ों के लिए सचमुच जीवन रेखा साबित हो रहे हैं।
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क्या बोले जिला प्रबंधक?
यवतमाल जिला प्रबंधक गौरव इंगोले ने कहा है कि यह सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली बिल्कुल निःशुल्क सेवा है। हमारी एम्बुलेंस ज़िले के सबसे दुर्गम इलाकों तक भी पहुँचती है। हम कभी किसी को ‘ना’ नहीं कहते। इसलिए यह एम्बुलेंस सचमुच एक जीवन रेखा और जीवन रक्षक बन गई है।
