

Washim Water Shortage: सितंबर की शुरुआत तक, वाशिम शहर की लाइफ़लाइन, एकबुर्जी जलप्रकल्प में सिर्फ़ 40 प्रश जलभंडार बचा है, जिस से शहर को भयंकर सूखे का सामना करने की संभावना है। साथ ही में शहर के सामने अगले नौ महीनों तक लगभग 1.5 लाख लोगों को पीने का पानी देने की बहुत बड़ी चुनौती खडी हो गई है।
इसके बावजूद, वाशिम नगर परिषद के उदासिनता की वजह से शहर भीषण पानी समस्या के संकट मंडराने का चित्र नजर आ रहा है। वर्ष 2018 में, कम बारिश की वजह से शहर को पानी के बड़े संकट का सामना करना पड़ा था।
उस समय, 7.25 करोड़ रुपए की लागत से कोकलगांव बैरेज से एकबुर्जी जलप्रकल्प तक के 10 किलोमीटर लंबी एक नई पाइपलाइन बिछाई गई थी। उस साल, शहर की प्यास बुझाने के लिए इसी पाइपलाइन से पानी लाया गया था, लेकिन, बाद के समय में सूखे जैसे हालात नहीं बने। इसलिए इस पाइपलाइन का दोबारा इस्तेमाल नहीं हुआ। सालों तक मेंटेनेंस और इस्तेमाल न होने की वजह से कोकलगांव बैरेज पर लगा मोटर पंप यंत्रणा और पूरा पावर सप्लाई यंत्रणा आज पूरी तरह फेल हो गई है।
वाशिम नगर परिषद के वॉटर सप्लाई इंजीनियर गजानन हिरेमठ के अनुसार इस यंत्रणा को ठीक करने के लिए, नया मोटर पंप और नई पावर सप्लाई लगाने की जरुरत होगी। फिलहाल,कोकलगांव बैरज से इस पानी को एकबुर्जी जलप्रक्ल्प तक लाना जरुरी है, इस बारे में एड.राहुल कोठारी और एड. अमोल सोमानी ने जिलाधिकारी योगेश कुंभेजकर,नगर परिषद के अध्यक्ष अनिल केंदले,मुख्यधिकारी अरविंद मुंडे को एक निवेदन सौंपा है,और उपरोक्त पानी लाने की मांग की है। अगर तुरंत इस बारे में प्रशासन व्दारा कदम नही उठाए गए तो नगर परिषद के खिलाफ हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल करने को संकेत दिए है।