Washim News: वाशिम में परंपरा और संस्कृति को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से माहेश्वरी समाज की महिलाओं ने गणगौर पर्व पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया। माहेश्वरी महिला मंडल, विदर्भ क्षेत्रीय माहेश्वरी महिला मंडल और माहेश्वरी बहू मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम ने शहर में उत्सवी माहौल बना दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्थानीय श्रीराम मंदिर से भव्य शोभायात्रा के साथ हुई। शोभायात्रा में महिलाओं ने ईसर-गौरा और कलश धारण कर पारंपरिक रूप से सहभागिता की। चैत्र माह की गर्मी को ध्यान में रखते हुए युवाओं द्वारा रास्ते में कुल्फी और आइसक्रीम वितरण की व्यवस्था की गई, जिससे वातावरण और भी आनंदमय हो गया। प्रतिभागी महिलाओं को टिफिन बॉक्स उपहार स्वरूप प्रदान किए गए।
शाम 6:30 बजे महेश भवन में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में भाग लेने वाली सभी सखियों को स्मृतिचिह्न के रूप में वॉटर फ्लास्क भेंट किए गए।
गणगौर का 16 दिवसीय यह पर्व भगवान शिव और देवी पार्वती (ईसर-गौरा) की आराधना का प्रतीक है। विवाहित महिलाएं अपने पति की दीर्घायु के लिए तथा अविवाहित युवतियां मनचाहे जीवनसाथी की कामना से इस पर्व का पालन करती हैं।
यह पर्व त्याग, समर्पण, प्रेम और भक्ति का संदेश देता है। आयोजन की सफलता के लिए माहेश्वरी समाज की महिलाओं ने विशेष परिश्रम करते हुए परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।