Washim News: वाशिम जिले में रमजान ईद की तैयारियां जोरों पर हैं। शहर से लेकर तहसील और गांवों तक दुकानों में रौनक बढ़ गई है।
मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में चहलपहल का माहौल है। रमजान का पाक महीना इस्लाम में विशेष महत्व रखता है। इस दौरान मुस्लिम भाई रोज़ा रखते हैं, नमाज़ अदा करते हैं और खुदा को राज़ी करने का प्रयास करते हैं।
हर साल की तरह इस बार भी मस्जिदों में आकर्षक सजावट की गई है। बागवानपुरा, बालु चौक, राजणी चौक, तोंडगांव मस्जिद और नगिना मस्जिद सहित अन्य मस्जिदों को रोशनाई से सजाया गया है। शाम होते ही इन इलाकों में रौनक बढ़ जाती है।
ईद के नज़दीक आते ही सेवइयां और सूखे मेवे की दूकानों की सजावट भी शुरू हो गई है। मस्जिदों के आसपास फूट स्टॉल और कपड़ों की दूकानों पर भीड़ देखी जा रही है। बालु चौक, बागवानपुरा और राजणी चौक परिसर विशेष रूप से सजा हुआ नजर आ रहा है।
दुकानदारों ने ईद के लिए नईनई चीजें मंगवाई हैं। कपड़े, जूते और सजावटी सामान की खरीदारी शुरू हो चुकी है। फेनी और विभिन्न प्रकार के मेवे भी दूकानों पर उपलब्ध हैं। मुस्लिम समाज के साथ अन्य धर्मों के लोग भी मेवा खरीदते दिखाई दे रहे हैं।
इस्लामिक परंपरा के अनुसार रमजान के 26वें रोज़े की रात को विशेष महत्व दिया जाता है। इस रात बड़ी संख्या में मुस्लिम भाई रोज़ा रखते हैं और पूरी रात नमाज़ अदा कर संपूर्ण मानव जाति के सुखसमृद्धि और कल्याण की दुआ करते हैं।
बाक्स: जश्न पर महंगाई का साया रमजान माह पर महंगाई का असर साफ दिखाई दे रहा है। फलों से लेकर गैस सिलेंडर तक के दाम बढ़ गए हैं। केले, तरबूज और खरबूजे जैसे फलों के दाम पिछले वर्ष की तुलना में अधिक हैं।
रसोई गैस सिलेंडर के दाम भी हाल ही में 60 रुपये तक बढ़ गए हैं। सहरी और इफ्तारी में फलों की मांग बढ़ने से उनकी बिक्री पर असर पड़ा है। महंगाई के बावजूद मुस्लिम समाज के लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ है।
रोज़ा रखने वाले महिलापुरुष भूखप्यास की शिद्दत सहते हुए इबादत में लगे हैं।